Monday, February 24, 2020
देवास सांसद अपनी जज की कुर्सी पर बैठे होते तो जीतू पटवारी चप्पल उतारकर खड़े मिलते: इंदौर भाजपा अध्यक्ष

देवास सांसद अपनी जज की कुर्सी पर बैठे होते तो जीतू पटवारी चप्पल उतारकर खड़े मिलते: इंदौर भाजपा अध्यक्ष

मीडियावाला.इन।

इंदाैर. इंदौर भाजपा अध्यक्ष गाेपी कृष्ण नेमा ने देवास में सांसद महेंद्र सोलंकी से कुर्सी को लेकर विवाद मामले में मंत्री जीतू पटवारी को आड़े हाथों लिया। नेमा ने कहा- जिन्हें तुम (पटवारी) बैठक से बाहर जाने की बात कह रहे हाे, वाे जज की नाैकरी छाेड़कर आए हैं। यदि वे अपनी कुर्सी पर बैठे होते तो जीतू बाबू आपको चप्पल उतारकर उनके कमरे में खड़े रहना पड़ता। नेमा यहां कांग्रेस सरकार के खिलाफ भाजपा के हल्लाबोल कार्यक्रम में सभा को संबोधित कर रहे थे।

नेमा ने कहा कि जीतू इस बात को समझो... बाप-बाप होता है, बेटा-बेटा होता है और पोता-पोता होता है। तुम एक विधानसभा से जीतकर मंत्री बने हो। उनके पास तुम्हारे जैसे 8 हैं। महेंद्र सोलंकी 8 विधायकों के सांसद हैं। अपनी हैसियत पहचानो, अपने आप को पहचानो और भारतीय जनता पार्टी की ताकत को पहचानो। सांसद सोलंकी कोई भाजपा के कार्यकर्ता नहीं, जज थे। भाजपा की रीति-नीति ने प्रभावित होकर उन्होंने अपनी जज की नौकरी छोड़ी और देवास से लोकसभा का चुनाव लड़ा। चुनाव लड़कर जीते भी, देवास की जनता ने उन्हें अपने सिर आंखों पर बिठाया है। उन्हें तुम कानून सीखा रहे हो, बैठने का स्थान बता रहे हो। अगर सोलंकी अपनी जज की कुर्सी पर बैठे होते तो आपको अपनी चप्पल उतारकर उनके कमरे में खड़े होना पड़ता। समझे जीतू बाबू... इस बात काे ध्यान में रखो। आप सांसद को कह रहे हो कि यहां से हट जाओ, चले जाओ। अपनी हैसियत पहचानो, यह मंत्री पद, यह विधायकी सब कुछ समय की है। कुछ भी स्थाई नहीं है। सब समय की बात है, अभी सूरज तुम्हारे पर चमक रहा है, लेकिन हम अंधकार में नहीं हैं। ये भाजपा कार्यकर्ता के रूप यहां मौजूद छोटे-छोटे दिए सूरज से मुकाबला करने काे यहां तैयार खड़े हैं। हम कमलनाथ सरकार काे चैन से नहीं बैठने देंगे।

क्या है मामला
देवास में 21 जनवरी को जिला याेजना समिति की बैठक में मंत्री जीतू पटवारी और देवास-शाजापुर सांसद महेंद्र साेलंकी में कुर्सी को लेकर विवाद हो गया था। प्रोटोकॉल के मुताबिक जिस कुर्सी पर सांसद को बैठना था, वहां कलेक्टर बैठे थे। यह देख सांसद सोलंकी भड़क गए। उन्हाेंने विराेध किया तो मंत्री-सांसद में बहस हो गई, जो 10-15 मिनट चली। इस बीच, मंत्री ने ऐलान कर दिया कि सांसद ने अपमान किया है। जहां भी ये जाएं, काले झंडे दिखाएं। सांसद बैठक से निकले तो कांग्रेसियाें ने काले झंडे दिखाए। भाजपाई भी मौके पर पहुंच गए थे|

भास्कर 

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