: दतिया में बरैया के बयानों के विरोध में 10 कांग्रेस नेताओं ने छोड़ी पार्टी

: दतिया में बरैया के बयानों के विरोध में 10 कांग्रेस नेताओं ने छोड़ी पार्टी

मीडियावाला.इन।

दतिया। भांडेर विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी फूलसिंह बरैया के सवर्णों के खिलाफ बयान के वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेसियों में भी उनका विरोध बढ़ता जा रहा है। आपत्तिजनक बयानों के विरोध में शनिवार को 10 कांग्रेस नेताओं ने इस्तीफा दे दिया। इससे पहले भांडेर के वरिष्ठ कांग्रेस नेता ठाकुरदास खंपरिया ने भी इन्हीं बयानों के विरोध में पार्टी छोड़कर भाजपा की सदस्यता ले ली थी।

पार्टी छोड़ने वाले कार्यवाहक ब्लॉक अध्यक्ष, इंदरगढ़ शिवरमण सिंह राठौर ने बताया कि लोकेंद्र सिंह दांगी उनाव ब्लॉक अध्यक्ष, महिपाल सिंह गुर्जर जिला अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग कांग्रेस एवं कार्यवाहक ब्लॉक अध्यक्ष इंदरगढ़, कमला दिवाकर यादव कार्यवाहक ब्लॉक अध्यक्ष सेंवढ़ा, ऋतुराज मिश्रा टुनटुन महाराज सचिव शहर कांग्रेस, मानवेंद्र सिंह यादव मंडलम अध्यक्ष दुरसड़ा, राजासिंह यादव उड़ीना, आत्माराम दांगी मंडल अध्यक्ष कामद, वीरसिंह कुशवाह बीकर, सुग्रीव यादव उनाव ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है।

इस्तीफे में इन नेताओं ने कहा कि बरैया के बयान समाज को तोड़ने वाले हैं। इन बयानों से हम आहत हैं, क्योंकि पार्टी ने बरैया के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। इस्तीफे में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि बरैया ने अपने बयानों में रानी लक्ष्मीबाई को लेकर भी आपत्तिजनक बातें कही थीं। ये बयान समाज का माहौल खराब करते हैं। ये आपत्तिजनक बातें कही थीं बरैया ने वायरल वीडियो में फूल सिंह बरैया सवर्णों के खिलाफ काफी आपत्तिजनक बातें कहते दिख रहे हैं। उन्होंने कहा था सवर्ण भारत में बाहर से आए थे।

इसके अलावा एक पुरानी घटना का उल्लेख करते हुए सवर्ण वर्ग की महिलाओं के खिलाफ भी आपत्तिजनक बातें कही थीं। राजनीतिक दलों में आक्रोश, पुतले जले, ज्ञापन सौंपे वीडियो वायरल होने के बाद से ही भाजपा के साथ ही खुद कांग्रेस के नेता भी बरैया को लेकर आक्रोशित हैं। प्रदेश के कई जिलों में उनके पुतले तक फूंके जा चुके हैं। समूचे ग्वालियर अंचल में सवर्ण समाज के संगठन बरैया पर कार्रवाई के लिए ज्ञापन दे रहे हैं। दो दिन पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने भांडेर की सभा में कहा था कि कांग्रेस को शर्म आनी चाहिए। वहीं बरैया को लेकर पहले कांग्रेस उनके बयानों से किनारा कर रही थी बाद में पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ उनका बचाव करते नजर आए थे।

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