Thursday, January 23, 2020
RSS स्वयंसेवक को मध्य प्रदेश बीजेपी की कमान सौंपने के लिए मंथन शुरू, जल्द होगा बड़े स्तर पर फेरबदल

RSS स्वयंसेवक को मध्य प्रदेश बीजेपी की कमान सौंपने के लिए मंथन शुरू, जल्द होगा बड़े स्तर पर फेरबदल

मीडियावाला.इन।

मध्यप्रदेश भाजपा में संघ अपने निष्ठावान कार्यकर्ता को संगठन की कमान सौंपना चाह रहा है, इसके लिए संघ से भाजपा में गए राम माधव ने प्रदेश के नेताओं से रायशुमारी का दौर शुरू कर दिया है. राम माधव रायशुमारी कर संघ का संदेश भी नेताओं को देना चाह रहे हैं, ताकि जब संघ किसी नाम पर मोहर लगाए तो उस पर विवाद की स्थिति निर्मित न हो.

मध्यप्रदेश भाजपा संगठन में जल्द ही बड़े स्तर पर फेरबदल किए जाने की तैयारी हो गई है. प्रदेश अध्यक्ष को लेकर तो रायशुमारी का दौर भी शुरू हो गया है. पहले यह रायशुमारी दिल्ली में होनी थी, मगर अब मध्यप्रदेश के देवास से इसकी शुरुआत पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव और प्रवक्ता विजय शास्त्री ने इसकी शुरुआत की है. दोनों नेताओं ने देवास में आधा दर्जन से ज्यादा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से इसे लेकर चर्चा की और यह जानने का प्रयास किया कि किसे संगठन की कमान सौंपी जाए.

हालांकि नाम को लेकर देवास में हुई रायशुमारी में खुलकर तो कोई नेता नहीं बोले, मगर यह बात जरुर साफ होती नजर आई कि संघनिष्ठ कार्यकर्ता को पार्टी की कमान सौंपी जाएगी. संघ इस बार पार्टी अध्यक्ष के लिए अपनी पसंद चाह रहा है, ताकि संगठन पर उसकी पकड़ी बनी रहे.

वहीं प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत को भी बदले जाने की चर्चा लंबे समय से चल रही है. भगत के स्थान पर संघ इस बार स्वदेशी जागरण मंच के कार्यकर्ता को इस पद की कमान सौंपने की तैयारी कर चुका है. हालांकि संघ द्वारा अभी तक इस पद के लिए किस व्यक्ति के नाम पर मोहर लगाई गई है, इसका खुलासा रायशुमारी में नहीं हुआ है. रायशुमारी के साथ ही प्रदेश के इस पद के लिए दावेदारों ने दिल्ली तक सक्रियता दिखानी शुरु कर दी है.

रायशुमारी के साथ ही संघनिष्ठ कार्यकर्ता के रुप में संगठन में तीन नामों की चर्चा चल रही है. इनमें विंध्य क्षेत्र से अजय प्रताप सिंह, ग्वालियर-चंबल से अरविंद भदौरिया के नाम बताए जा रहे हैं. दोनों संघ के करीबी माने जाते हैं और संगठन में अच्छी पकड़ भी रखते हैं. वैसे इस पद के लिए खजुराहो से सांसद वी.डी.शर्मा भी सक्रिय हैं. शर्मा को लंबे समय से संघ से जुड़े रहे हैं. वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में भी कई पदों पर रहे हैं. शर्मा को खजुराहो से लोकसभा प्रत्याशी बनवाने में संघ की अहम भूमिका रही है.

केन्द्रीय नेतृत्व चाहता है कि इस पद के लिए आम सहमति से नाम तय हो और संघनिष्ठ कार्यकर्ता को कमान सौंपी जाए. इसके लिए पर्यवेक्षक के तौर पर केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और अश्विनी चौबे को नियुक्त किया है. ससाथ ही पार्टी ने संघ से भाजपा में महासचिव राम माधव और विजय सोनकर शास्त्री को रायशुमारी के लिए भेजा है, जिन्होंने नेताओं से रायशुुमारी करना शुरु कर दी है. वैसे राम माधव का प्रदेश की राजनीति में कभी कोई दखल नहीं रहा है, मगर इस बार उन्हें इस महत्वपूर्ण कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है. राम माधव को जिम्मेदारी सौंपने के पीछे यह माना जा रहा है कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के लिए किसी एक नाम पर प्रदेश के नेता सहमत नहीं है, इसके चलते वे संघ का संदेश सभी नेताओं तक पहुंचाएं.

Dailyhunt

0 comments      

Add Comment