
Posthumous Body Donation Announcement : 90 वर्षीय सुशील कुमार ने रेडक्रास के माध्यम से भरा अपना देहदान का संकल्प पत्र!
Ratlam : शहर की जैन कॉलोनी निवासी एवं ग्राम पीपलखुंटा प्रवासी 90 वर्षीय सुशील कुमार जैन ने अपने निधन के पश्चात देहदान करने की घोषणा करते हुए समाज के समक्ष जीवन के बाद भी सेवा का प्रेरक संदेश दिया। बता दें कि सुशील कुमार अपने बड़े भाई शांतिलाल जैन द्वारा 3 दिसंबर 24 को निधन के पश्चात किए गए देहदान से प्रेरित होकर घोषणा की। उन्होंने अपने सुपुत्र महेन्द्र, राजेश तथा वीरेंद्र जैन (पप्पू) तथा सुपुत्री संगीता जैन के समक्ष अपनी अंतिम इच्छा जताई कि उनका पार्थिव शरीर चिकित्सा क्षेत्र में अनुसंधान हेतु मेडिकल कॉलेज को सौंपा जाए। परिजनों ने अपने घर के सबसे वरिष्ठ सदस्य की भावनाओं का सम्मान करते हुए सहर्ष स्वीकृति प्रदान की।
भतीजे एवं रोटरी क्लब रतलाम सेंट्रल के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर मनोहर जैन के समन्वय से देहदान घोषणा की प्रक्रिया पूरी करते हुए रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से देहदान का घोषणापत्र मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ अनिता मुथा को सौंपा। इस दौरान रेडक्रॉस सोसायटी अध्यक्ष प्रितेश गादिया, संचालक हेमन्त मूणत, डॉ राजेंद्र सिंगरोले एवं देशना जैन मौजूद थे। बता दें कि सुशील कुमार जैन का जीवन तप-तपस्या से परिपूर्ण हैं वह प्रातःकाल 4-30 बजे उठ जाते हैं और उम्र के इस पड़ाव में भी घुमने निकल जाते हैं और उपाश्रृय तथा मंदिर में देव दर्शन करने के पश्चात घर लौटते हैं। उन्होंने अपने जीवन में मासखमण तथा अनेक बार अठ्ठाई तप की तपस्या पूर्ण की। उनका यह आध्यात्मिक जीवन उनके देहदान जैसे महादान के संकल्प को और भी अर्थपूर्ण बनाता हैं।
देहदान महादान हैं!
मेडिकल कॉलेज डीन डॉ. अनिता मुथा ने कहा कि देहदान चिकित्सा शिक्षा की आधारशिला है। विद्यार्थी मानव शरीर की संरचना का गहन अध्ययन देहदान के माध्यम से ही कर पाते हैं जिससे वे भविष्य में अधिक दक्ष एवं संवेदनशील चिकित्सक बनते हैं। उन्होंने इसे समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायक कदम बताया। रेडक्रॉस अध्यक्ष प्रितेश गादिया एवं संचालक हेमंत मूणत ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि नेत्रदान एवं देहदान मानव सेवा की महत्वपूर्ण कड़ी है। संस्था इस पुनीत कार्य हेतु मार्गदर्शन, समन्वय एवं सहायता के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध रहती हैं!




