अभियोजन न्‍याय की महत्‍वपूर्ण कड़ी है: पूर्व न्यायमूर्ति रोहित आर्य

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अभियोजन न्‍याय की महत्‍वपूर्ण कड़ी है: पूर्व न्यायमूर्ति रोहित आर्य

संचालक लोक अभियोजन बी.एल. प्रजापति ने न्यायमूर्ति को स्‍मृतिचिन्‍ह भेंटकर किया सम्‍मानित!

Bhopal : केन्‍द्रीय पुलिस प्रशिक्षण संस्‍थान (CAPT) में आयोजित 5 दिवसीय अभियोजन प्रशिक्षण कार्यशाला गरिमापूर्ण वातावरण में संचालित हो रही है। संभागीय जनसम्‍पर्क अधिकारी/एडीपीओ मनोज त्रिपाठी ने बताया कि कार्यशाला का शुभारम्भ मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व न्यायमूर्ति रोहित आर्य ने किया अध्‍यक्षता मध्य प्रदेश अभियोजन निदेशक बी.एल. प्रजापति ने की।

इस 5 दिवसीय कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों से आए न्यायिक अधिकारी, फॉरेंसिक अधिकारी, जेल अधिकारी, पुलिस अधिकारी तथा मध्य प्रदेश के अभियोजन अधिकारी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहें हैं। मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति रोहित आर्य ने सभी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि अभियोजन न्‍याय की महत्‍वपूर्ण कडी है।

आपराधिक न्‍याय व्‍यवस्‍था में न्‍यायाधीश अभियोजन पुलिस एवं फॉरेंसिक सभी एक महत्‍वपूर्ण अंग हैं एवं उन्‍हें निरंतर प्रशिक्षित किया जाना आवश्‍यक हैं, उन्‍होंने समस्‍त प्रतिभागियों को उत्कृष्ट प्रशिक्षण हेतु शुभकामनाएं दीं तथा अपने अनुभवों के आधार पर न्यायिक प्रणाली में समन्वय, साक्ष्य की गुणवत्ता एवं प्रभावी अभियोजन के महत्व पर भी प्रकाश डाला। आगे उन्‍होंने कहा कि न्यायिक, पुलिस, अभियोजन एवं फॉरेंसिक तंत्र के बीच समन्वित कार्यप्रणाली से ही न्याय व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जा सकता है।

कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक ज्ञान एवं कौशल विकसित करने का अवसर प्राप्त होगा, जिससे वे अपने-अपने क्षेत्रों में और अधिक दक्षता के साथ कार्य कर सकेंगे। उपस्थित अधिकारियों ने इस पहल की सराहना की एवं इसे अत्यंत उपयोगी बताया। आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में मध्‍य प्रदेश अभियोजन के एडी प्रशिक्षण अभिषेक बुंदेला एडीपीओ मनीष शर्मा, आशीष दुबे, बिहारी बघेल उपस्थित रहे!