गाजियाबाद के मीरपुर हिंदू गांव में डंपिंग ग्राउंड का विरोध, प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने किया लाठीचार्ज!

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गाजियाबाद के मीरपुर हिंदू गांव में डंपिंग ग्राउंड का विरोध, प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने किया लाठीचार्ज!

गाजियाबाद की ट्रोनिका सिटी में डंपिंग ग्राउंड बनाने के विरोध में किसानों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी। किसान धरना दे रहे थे। जब पुलिस उन्हें जबरन हटाने लगी तो किसानों ने पथराव शुरू कर दिया। इस पर पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया। इसमें कई प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं।

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में डंपिंग ग्राउंड को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। ट्रॉनिका सिटी के मीरपुर हिंदू गांव में डंपिंग ग्राउंड के विरोध में सैकड़ों ग्रामीण जुट गए। किसानों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। डंपिंग ग्राउंड के विरोध में ग्रामीणों के प्रदर्शन के दौरान बवाल की जानकारी सामने आई है। किसानों के प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचे। इस दौरान पुलिस ने लोगों को गाड़ियों में भरना शुरू कर दिया। इसी दौरान पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया गया। इसके बाद पुलिस ने लाठी पटककर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की। इससे वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

प्रदर्शनकारी किसानों ने लाठीचार्ज का आरोप लगाया है। दरअसल, ट्रॉनिका सिटी में डंपिंग ग्राउंड को लेकर रविवार दोपहर को बवाल मच गया। यहां कई थानों की पुलिस ने जबरन लोगों को पुलिस की गाड़ियों में भरना शुरू कर दिया। इससे गुस्साई भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। लोगों के हमले के बाद पुलिस भी एक्टिव हुई। मौके पर एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम पहुंचे। पहले तो लोगों को समझाने का प्रयास किया गया। पत्थरबाजी की घटना शुरू होने के बाद पुलिस ने उन्हें दौड़ाना शुरू कर दिया। इस दौरान एक बुजुर्ग महिला के घायल होने की बात सामने आई है।गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी में प्रदर्शन के दौरान भीड़ के हिंसक होने के बाद पुलिस का एक्शन शुरू हुआ। पुलिस बल ने पत्थरबाजों को दौड़ाना शुरू कर दिया। इस दौरान कई लोग खेतों में भागने लगे। पुलिस के जवानों ने उन्हें खेतों में पकड़ कर पिटाई कर दी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

प्रदर्शनकारी किसानों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस जमीन पर स्कूल, अस्पताल बनाए जाने चाहिए। यहां पर कूड़ाघर का निर्माण किया जा रहा है। यह गलत है। उनका कहना है कि प्रदर्शनकारी किसानों को जबरन गाड़ियों में भरा जाने लगा। इसके बाद वे आक्रोशित हो गए। पुलिस ने इसे देखकर लाठीचार्ज शुरू कर दिया। इसमें कई महिलाएं और बुजुर्ग घायल हो गए। एक बुजुर्ग महिला तो बेहोश हो गई।

गांववालों का दावा है कि इस घटना में 50-60 लोग घायल हुए हैं