
आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को लेटर लिखकर अपने सांसद राघव चड्ढा को सदन में पार्टी के डिप्टी लीडर के पद से हटाने का आग्रह किया है। अब इस पर राघव चड्ढा ने इशारों-इशारों में आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने पार्टी को मैसेज देते हुए कहा, मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मैं वो दरिया हूं तो वक्त आने पर सैलाब बनता हूं।
राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए ‘आम आदमी’ को मैसेज देते हुए लिखा, खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं।
राघव चड्ढा ने क्या कहा?
- वीडियो शेयर करते हुए राघव चड्ढा ने कहा, मुझे जब-जब संसद में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता के मुद्दों को उठाता हूं। उन्होंने सवाल किया कि क्या जनता के मुद्दे उठाना क्या कोई अपराध है? क्या मैंने कोई गुनाह कर दिया है?
- राघव चड्ढा ने कहा, यह सवाल आज मैं इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आम आदमी पार्टी ने संसद से कहा है कि राघव चड्ढा के बोलने पर रोक लगा दी जाए।
- आप सांसद ने कहा, कोई मेरे बोलने पर बैन क्यों लगवाना चाहता है। मैं तो हमेशा से जनता से जुड़े मुद्दों पर बात करता हूं।
- राघव ने कहा, जनता से जुड़े मुद्दे उठाने से देश के आम आदमी का फायदा हुआ है लेकिन आम आदमी पार्टी का क्या नुकसान हुआ है? कोई मुझे बोलने से क्यों रोकना चाहेगा
- ‘आप’ ने राज्यसभा सचिवालय से यह भी कहा है कि अब राघव चड्ढा को सदन में पार्टी के नेता के तौर पर बोलने का मौका न दिया जाए। इससे उनके बोलने के समय में भी कटौती की जा सकती है।
- बता दें कि राघव चड्ढा हाल के दिनों में संसद में कई जनहित के मुद्दों को जोर-शोर से उठा रहे थे। इनमें एयरपोर्ट पर 10 रुपए की चाय का मुद्दा और डिलीवरी बॉयज से जुड़े सवाल शामिल थे। इसके अलावा, उन्होंने पैटरनिटी लीव (पितृत्व अवकाश) का मुद्दा सदन में उठाया था। उन्होंने कहा कि बच्चे की परवरिश केवल मां की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि माता-पिता की साझा जिम्मेदारी होनी चाहिए। पार्टी के अंदर यह भी चर्चा है कि राघव चड्ढा राज्यसभा में किन विषयों पर बोलने वाले हैं, इसकी जानकारी पहले से पार्टी को नहीं देते थे।
- राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के डिप्टी लीडर पद से हटाए गए राघव चड्ढा




