राजू श्रीवास्तव की बेटी अंतरा श्रीवास्तव को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से नवाजा गया था

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राजू श्रीवास्तव की बेटी अंतरा श्रीवास्तव ने 12 साल की उम्र में अपनी समझदारी का ऐसा नमूना पेश किया था, जिसपर पूरे देश को नाज हुआ था. हुआ यूं कि एक दफा राजू श्रीवास्तव के घर में चोर आ गए थे. अंतरा उस समय महज 12 साल की थीं. घर पर अंतरा और उनकी मां के अलावा कोई नहीं था. इस दौरान चोरों ने राजू श्रीवास्तव की पत्नी शिखा श्रीवास्तव पर बंदूक तान दी थी.

अंतरा श्रीवास्तव की मां पर जब चोरों ने बंदूक तानी हुई थी, तब अंतरा अपने बैडरूम में थीं. वहां से अंतरा ने अपने पिता राजू श्रीवास्तव को फोन करने के बजाए सीधा पुलिस को फोन किया और उनसे मदद मांगी. साथ ही कमरे की खिड़की से बिल्डिंग के वॉचमन को आवाज दे दी. अंतरा ने हिम्मत से काम लेते हुए चोरों का डट कर सामना किया. अंतरा के इस कदम से आखिर में पुलिस और चौकीदार ने वक्त रहते उन्हें और उनकी मां को चोरों से बचा लिया.

Antara Srivastava

अपने इस सूझभूझ से भरे कदम के लिए अंतरा श्रीवास्तव को साल 2006 में राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से नवाजा गया था. यह पुरस्कार उन्हें भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के हाथों मिला. अंतरा की जिंदगी को उस दस मिनट के वाकये ने हमेशा के लिए बदलकर रख डाला था. बेटी के इस कदम से राजू भी बहुत खुश हुए थे. जब बेटी को वीरता पुरस्कार मिला तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था.

आपको बता दें कि अंतरा श्रीवास्तव भी फिल्मों से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने फ्लाइंग ड्रीम एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड में बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर और डायरेक्टर काम किया है. उनकी फिल्मी शुरुआत साल 2013 में हुई थी. उनके फिल्मी करियर में बड़ी कमाल की फिल्में दर्ज हैं. ये फिल्में हैं- ‘फुल्लू’, ‘पलटन’, ‘द जॉब’, ‘पटाखा’ और ‘स्पीड डायल