
Ratlam Police Crack Down on illegal MCX Trade : करोड़ों रुपए के कारोबार का भंडाफोड़, आदित्य सोमानी गिरफ्तार, आरोपी वीनू शर्मा अभी भी फरार!
Ratlam : जिले में अवैध MCX कारोबार और करोड़ों रुपए के संदिग्ध लेनदेन से जुड़े मामले में सरवन पुलिस की जांच लगातार बड़े-बड़े खुलासों की और बढ़ रही है। डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल के दौरान ऐसा नेटवर्क सामने आया है जिसने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी है। रतलाम पुलिस का दावा है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन अब तक मिले तकनीकी साक्ष्य करोड़ों रुपए के संदिग्ध ट्रांजेक्शन की ओर इशारा कर रहें हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता हैं। एसपी अमित कुमार निर्देशन, एएसपी विवेक कुमार के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी सैलाना श्रीमती नीलम बघेल के नेतृत्व में थाना सरवन पुलिस ने अवैध MCX कारोबार एवं उससे जुड़े संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के मामले में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है।
डिजिटल साक्ष्य में करोड़ों का लेनदेन!
प्रकरण की जांच के दौरान अब तक उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर करोड़ों के संदिग्ध ट्रेडिंग ट्रांजेक्शन सामने आए हैं। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर विस्तृत विवेचना की जा रही है। बता दें कि 6 जून 2026 को रतलाम निवासी आवेदक दिव्यांश उर्फ छोटू सोनी, निवासी सैफी नगर द्वारा थाना सरवन में लिखित शिकायत की गई थी कि आदित्य पिता राजेश सोमानी, निवासी सरवन द्वारा MCX ट्रेडिंग के नाम पर धोखाधड़ी की गई तथा बाद में उससे लगभग 1 करोड़ रुपए की मांग की जा रही है। सोनी की शिकायत की जांच उपरांत थाना सरवन में अपराध क्रमांक 224/ 2026 के तहत मध्य प्रदेश जुआ अधिनियम की धारा 3/4 में प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की थी। पुलिस की विवेचना के दौरान आरोपी आदित्य को गिरफ्तार कर उसके मोबाइल फोन एवं डिजिटल डेटा का परीक्षण किया गया प्रारंभिक जांच में मोबाइल से अलग-अलग आईडी संचालित होना पाई गईं, जिनमें बड़े पैमाने पर MCX संबंधी ऑनलाइन ट्रेडिंग एवं वित्तीय लेनदेन दर्ज मिले अब तक के तकनीकी विश्लेषण में इन आईडी के माध्यम से करोड़ों रुपए के संदिग्ध ट्रांजेक्शन होने के संकेत प्राप्त हुए हैं।
मामले की गहन जांच जारी है तथा प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर सरवन, सैलाना, रतलाम, महिदपुर, उज्जैन एवं मंदसौर क्षेत्र के कुछ अन्य व्यापारियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। पुलिस को जांच के दौरान यह भी सामने आया हैं कि आरोपी द्वारा मोबाइल से कुछ डेटा डिलीट करने का प्रयास किया गया था। मोबाइल को विस्तृत फोरेंसिक परीक्षण एवं डाटा रिकवरी के लिए साइबर विशेषज्ञों को भेजा जा रहा है। साथ ही बैंक खातों, डिजिटल भुगतान एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है। प्रकरण में वित्तीय लेनदेन की प्रकृति, संबंधित व्यक्तियों की भूमिका, बैंक खातों, डिजिटल साक्ष्यों एवं अन्य तकनीकी तथ्यों की विस्तृत जांच जारी है। जांच के आधार पर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आरोपी सोमानी को गिरफ्तार करने में निरीक्षक अर्जुन सेमलिया, प्रधान आरक्षक गजेन्द्र सिंह झाला, प्रधान आरक्षक सूर्यपाल सिंह, आरक्षक हिम्मत सिंह तथा सायबर टीम से प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा एवं आरक्षक विपुल की सराहनीय भूमिका रहीं!






