
Chhattisgarh: बिलासपुर के 37 अस्पतालों में 7 दिन तक या डेढ़ लाख रुपये तक का होगा फ्री इलाज
बिलासपुर के लोगों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। अब यहां सड़क दुर्घटना के पीड़ित 7 दिनों तक या अधिकतम 1.50 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज बिना कोई पेमेंट दिए करा सकेंगे। इसके लिए बिलासपुर जिले के 37 सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटल्स को चिन्हित किया गया है। प्रशासन ने इसकी पूरी लिस्ट भी जारी कर दी है।
यह सुविधा भारत सरकार की पीएम राहत योजना के तहत प्रदान की जा रही है। योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि के दौरान अधिकतम सात दिनों तक या डेढ़ लाख रुपए तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराना है।
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सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा तत्काल इलाज
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) बिलासपुर, डॉ. शुभा गरेवाल ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराकर उनकी जान बचाना है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चिन्हित हॉस्पिटल्स को ट्रेनिंग दी जा चुकी है और राज्य स्तर पर भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इस योजना में जिले के कुल 37 सरकारी और प्राइवेट अस्पताल पंजीकृत किए गए हैं। जहां सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों के मुफ्त उपचार की व्यवस्था की गई है।
परिवहन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर परिवहन विभाग ने सभी जिलों में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कदम बढ़ाए हैं। परिवहन सचिव एस. प्रकाश ने पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और डायल 112 के अधिकारियों की वर्चुअल बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर उपचार मिलना अत्यंत आवश्यक है, ताकि जान बचाई जा सके।
प्रदेश के लगभग 1000 अधिकृत अस्पतालों को योजना से जोड़ा जा रहा है। साथ ही अन्य सक्षम अस्पतालों को भी इसमें शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पीड़ितों को समय पर इलाज मिल सके। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि अस्पतालों को उपचार का भुगतान 10 दिनों के भीतर कर दिया जाए। बैठक में दुर्घटनाओं की रोकथाम पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि सड़क सुरक्षा उपायों को मजबूत कर दुर्घटनाओं में कमी लाने के प्रयास किए जाएं।
एनआईसी के अधिकारियों ने प्रस्तुति के माध्यम से योजना के संचालन की प्रक्रिया, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, डायल 112 और जिला प्रशासन की भूमिकाओं की विस्तृत जानकारी दी। वर्चुअल बैठक में सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी और संबंधित अधिकारी शामिल हुए।





