Release Them After Completing their Sentence : सुप्रीम कोर्ट का राज्यों को अहम निर्देश ‘सजा पूरी कर चुके कैदियों को तुरंत रिहा करें!’

693

Release Them After Completing their Sentence : सुप्रीम कोर्ट का राज्यों को अहम निर्देश ‘सजा पूरी कर चुके कैदियों को तुरंत रिहा करें!’

सभी गृह सचिवों को निर्देश ‘इस बात की पुष्टि करें कि सजा पूरी कर चुका कोई कैदी अब जेल में बंद नहीं!’

New Delhi : अपने एक अहम निर्देश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जो कैदी अपनी सजा पूरी कर चुके हैं, उन्हें तुरंत रिहा किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के गृह सचिवों को निर्देश दिया कि वे इस बात की पुष्टि करें कि सजा पूरी कर चुका कोई कैदी अब जेल में बंद तो नहीं है। अदालत ने यह भी कहा कि अगर कोई ऐसा कैदी पाया जाता है, जिसकी सजा पूरी हो चुकी है और वह किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है, तो उसे तुरंत रिहा किया जाए।

जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने 2002 के नीतीश कटारा हत्याकांड में सुखदेव यादव उर्फ पहलवान की रिहाई का आदेश देते हुए यह निर्देश दिया। पीठ ने कहा कि यादव ने इस साल मार्च में बिना किसी छूट के 20 साल की सजा पूरी कर ली है। पीठ ने कहा कि इस आदेश की प्रति रजिस्ट्री द्वारा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के गृह सचिवों को भेजी जानी चाहिए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या कोई आरोपी या दोषी सजा की अवधि से अधिक समय तक जेल में तो बंद नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश की एक प्रति राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव को भेजने का भी निर्देश दिया, ताकि इसे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विधिक सेवा प्राधिकरणों के सभी सदस्य सचिवों को भेजा जा सके और जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों को इस बारे में सूचित किया जा सके। शीर्ष न्यायालय ने कहा कि यादव को अपनी सजा पूरी करने के बाद रिहा किया जाना चाहिए था। पीठ ने कहा कि 9 मार्च, 2025 के बाद अपीलकर्ता को और अधिक कारावास में नहीं रखा जा सकता। 10 मार्च, 2025 को ही अपीलकर्ता को उसकी सजा पूरी करने के बाद रिहा किया जाना चाहिए था।

दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती

सुखदेव यादव की याचिका में दिल्ली हाई कोर्ट के नवंबर 2024 के आदेश को चुनौती दी गई थी। इसमें उसे तीन सप्ताह के लिए फर्लो पर रिहा करने की उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी। 3 अक्टूबर, 2016 को सर्वोच्च न्यायालय ने कटारा के सनसनीखेज अपहरण और हत्या में उनकी भूमिका के लिए विकास यादव और उनके चचेरे भाई विशाल यादव को बिना किसी छूट के 25 साल की जेल की सजा सुनाई थी।

सह-दोषी सुखदेव यादव को 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। भारती उत्तर प्रदेश के राजनेता डीपी यादव की बेटी है। कटारा की हत्या इसलिए की गई थी, क्योंकि विशाल और विकास यादव अलग-अलग जाति के होने के कारण अपनी बहन भारती के साथ नीतीश कटारा के संबंधों को स्वीकार नहीं करते थे। नीतीश कटारा की 16 और 17 फरवरी 2002 की मध्यरात्रि को एक विवाह समारोह से अपहरण करने के बाद हत्या कर दी गई थी।