
बंगाल में ‘शाही’ धमाल…
कौशल किशोर चतुर्वेदी
बंगाल का चुनाव जीतना भारतीय जनता पार्टी के लिए आन, बान और शान का मुद्दा बन गया है। बंगाल विधानसभा चुनाव से 13 दिन पहले 10 अप्रैल 2026 को भाजपा द्वारा कोलकाता में जारी किए गए मेनिफेस्टो यानि ‘भरोसा पत्र’ से यही झलक मिल रही है। भरोसा पत्र को पश्चिम बंगाल में ‘शाही’ धमाल के रूप में देखा जा सकता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे जारी करते हुए महिलाओं और युवाओं के लिए नकद सहित वह सब कुछ देना कबूल कर लिया है जिसके बूते सरकार बनाने की ख्वाहिश पूरी हो सके। बंगाल में छह माह में यूसीसी, 45 दिन में सातवां वेतनमान जैसे मुद्दों को समाए भाजपा का संकल्प पत्र यही कह रहा है कि बस एक बार बंगाल में भाजपा सरकार बना दो, और भी क्या चाहिए है वह भी बता दो।
बंगाल विधानसभा चुनाव में जीत के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपने चुनावी वादों का शाही पिटारा खोल दिया है। गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पार्टी का चुनावी घोषणापत्र जारी किया। इस घोषणापत्र को पार्टी ने भरोसा पत्र नाम दिया है। इसमें महिलाओं से लेकर युवाओं तक, प्रमुख वोटर वर्ग के लिए नकदी के वादे किए गए हैं। उन्होंने राज्य में सत्ता परिवर्तन का आह्वान करते हुए ‘सोनार बांग्ला’ बनाने का वादा किया है। मतदाताओं को शाही भरोसा दिलाया गया है कि अगर राज्य में भाजपा की सरकार बनती है तो छह महीने के अंदर समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जाएगी। आधी आबादी को लुभाने के लिए हर संभव कोशिश की गई है। केजी से पीजी तक लड़कियों की शिक्षा मुफ्त करने और सरकारी नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा किया गया है। साथ ही हर महिला के बैंक खाते में हर महीने 3,000 रुपये देने की भी बात कही गई है। मध्य प्रदेश में लाड़ली बहनों को अभी 1500 रुपये प्रति महीने की राशि ही मिल पा रही है। ऐसे में बंगाल की महिलाओं को प्रति माह तीन हजार देने का वादा बहुत मायने रखता है। अमित शाह ने कहा कि एक से पांच तारीख के भीतर हर महीने बीजेपी की सरकार हर माता के खाते में तीन हजार रुपये ट्रांसफर करेगी। अमित शाह ने कहा कि हमारी सरकार घुसपैठ को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर आगे बढ़ेगी। पश्चिम बंगाल की जनता को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि पूर्ण बहुमत की सरकार बनाइए। हम घुसपैठियों को बाहर निकाल देश और बंगाल को सुरक्षित बनाने का काम करेंगे। बकाया डीए भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा और सरकार बनने के 45 दिन के भीतर सातवें वेतन आयोग को लागू किया जाएगा। आयुष्मान भारत समेत सभी केंद्रीय योजनाएं बंगाल में लागू करेंगे। उन्होंने छह महीने के भीतर समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने का वादा किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बंगाल की सीमाओं को घुसपैठ के लिए सील करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि एक भी गौ माता की तस्करी भारत के बाहर न हो। उन्होंने एक करोड़ स्वरोजगार और रोजगार के अवसर सृजित करने का भी भरोसा दिलाया। वहीं भरोसा दिलाया कि हजारों युवाओं को उद्योग साहसी बनाने का काम करेंगे। इससे भी बड़ी बात यह कि बेरोजगार युवाओं को तीन हजार रुपये मासिक भत्ता देने का काम भी भाजपा की सरकार करेगी।
यह तय है कि आधी आबादी और युवा मिलकर ठान लें कि पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन कर भारतीय जनता पार्टी पर भरोसा जताना है, तब बंगाल में ‘शाही’ सरकार बनने से कोई नहीं रोक सकता। हालांकि, यहां यह बात भी महत्वपूर्ण है कि ममता के प्रति मतदाताओं का भरोसा टूट पाया है अथवा नहीं। यहाँ यह भी महत्वपूर्ण है कि बंगाल का मुस्लिम मतदाता ओवैसी पर कितना भरोसा जताता है। भाजपा का गोतस्करी पर रोक लगाने का संकल्प मतदाताओं को भरोसे में ले पाता है अथवा नहीं। टीएमसी सरकार के कथित भ्रष्टाचार पर श्वेत पत्र जारी करने का वादा मतदाताओं को लुभा पाता है अथवा नहीं।
खैर मामला भरोसे का है। भारतीय जनता पार्टी और मोदी-शाह का जादू पश्चिम बंगाल की मतदाताओं पर कितना असर करता है, यह जल्दी ही सामने आने वाला है। शून्य से विपक्ष तक पहुंचकर सत्ता के सिंहासन पर आसन जमाना बहुत आसान नहीं माना जा सकता। इसीलिए पश्चिम बंगाल में शाही धमाल बार-बार यही भरोसा दिला रहा है कि बंगाल में अबकी बार, भाजपा सरकार। चिंता मोदी शाह के मन में भी यह होगी कि कहीं इसका हश्र केंद्र में ‘तीसरी बार में चार सौ पार’ नारे की तरह न हो जाए। चूंकि पश्चिम बंगाल में ममता तीन बार राज कर चुकी हैं, इसलिए उम्मीद का भरोसा भाजपा के साथ है…।
लेखक के बारे में –
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।
वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।





