RTE fee scam: 6 प्राइवेट स्कूलों पर 26.50 लाख की धोखाधड़ी का मामला दर्ज

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RTE fee scam: 6 प्राइवेट स्कूलों पर 26.50 लाख की धोखाधड़ी का मामला दर्ज

Jabalpur: आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ EOW इकाई जबलपुर ने शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के तहत गरीब एवं कमजोर वर्ग के बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति राशि में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि जबलपुर के छह निजी स्कूलों ने शिक्षा विभाग के नोडल अधिकारियों से सांठगांठ कर एक ही छात्र को दो से तीन बार दाखिला दर्शाते हुए शासन से 26.50 लाख रुपये की फीस प्रतिपूर्ति अवैध रूप से हड़प ली।

▪️2011 से 2016 के बीच किया गया फर्जीवाड़ा

ईओडब्ल्यू को शिकायतकर्ता विजयकांति पटेल द्वारा दी गई शिकायत के बाद मामले की जांच की गई। जांच में पाया गया कि वर्ष 2011 से 2016 के बीच जबलपुर जिले के 466 निजी स्कूलों को गरीब एवं कमजोर वर्ग के बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति के रूप में कुल 3 करोड़ 27 लाख 83 हजार 521 रुपये का भुगतान किया गया था। इनमें से छह निजी स्कूलों ने 628 छात्रों के फर्जी प्रवेश दर्शाकर 26.50 लाख रुपये की राशि का गबन किया।

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▪️नोडल अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध

जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि संबंधित अवधि में पदस्थ शिक्षा विभाग के नोडल अधिकारियों ने स्कूलों में अध्ययनरत कमजोर वर्ग के बच्चों के प्रवेश का वास्तविक सत्यापन नहीं किया। आरोप है कि नोडल अधिकारियों ने स्कूल संचालकों के साथ षड्यंत्र कर अपने पद का दुरुपयोग किया, जिससे शासन को आर्थिक क्षति पहुंची।

▪️इन स्कूल संचालकों और अधिकारियों पर मामला दर्ज

ईओडब्ल्यू जबलपुर ने स्मिता चिल्ड्रन एकेडमी के संचालक मनीष असाटी, आदर्श ज्ञान सागर की संचालक नसरीन बेगम, गुरु पब्लिक स्कूल के संचालक मो. तौसीफ, उस्मानिया मिडिल स्कूल के संचालक मो. शमीम और सेंट अब्राहम स्कूल के संचालक मोहम्मद शफीक के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया है। इसके साथ ही जिला शिक्षा केंद्र के तत्कालीन नोडल अधिकारी चंदा कोष्टा, गुलनिगार खानम, अख्तर बेगम अंसारी, राजेंद्र बुधेलिया और डीके मेहरा सहित अन्य को भी आरोपी बनाया गया है।

▪️इन धाराओं में दर्ज हुआ अपराध

आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड विधान की धारा 409, 420, 120बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7(सी) संशोधित 2018 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी गई है।

▪️ईओडब्ल्यू की जांच जारी

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के अनुसार मामले की विस्तृत जांच जारी है और अन्य स्कूलों एवं अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। जांच के आधार पर आगे और नाम सामने आ सकते हैं।