

Saurabh Sharma’s Bail : सौरभ शर्मा की जमानत, लोकायुक्त 60 दिन बाद भी चालान पेश नहीं कर सकी, पर रहेगा जेल में!
Bhopal : करोड़पति पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा को विशेष न्यायाधीश आरपी मिश्रा की कोर्ट से लोकायुक्त केस में जमानत दे दी गई। 28 जनवरी को उसे गिरफ्तार किया गया था। उस पर आए से अधिक संपत्ति होने के आरोप हैं। लेकिन, 60 दिन बाद भी लोकायुक्त उसके खिलाफ आरोप पत्र पेश नहीं कर सकी, इसलिए 62वें दिन उसे जमानत दे दी गई। 19 दिसंबर 2024 को उसके घर और जयपुरिया स्कूल की निर्माणाधीन बिल्डिंग में लोकायुक्त ने छापा मारा था।
टीम को घर और दफ्तर दोनों जगह से 50 लाख रुपए से अधिक के जेवरात, लाखों रुपए की नकदी और की 234 चांदी सिल्लियां मिली थी। ये सिल्लियां उसने अपने ऑफिस में बोरे और झोलों में बंद कर छिपा रखी थी। सौरभ शर्मा ने जयपुरिया स्कूल के ग्राउंड फ्लोर पर अपना ऑफिस बना रखा था। इसी ऑफिस में 500 से ज्यादा दस्तावेज मिले थे। ज्यादातर दस्तावेज प्रॉपर्टी संबंधी हैं। जिसमें एग्रीमेंट सहित बैंक पासबुक, चेक और वसीयत नामे मौजूद थे।
जमानत मिलने की वकील ने पुष्टि की
सौरभ के वकील राकेश पराशर ने बताया कि सौरभ को आय से अधिक संपत्ति मामले में लोकायुक्त कोर्ट से जमानत मिल गई है। मंगलवार की शाम को यह आदेश विशेष न्यायाधीश आरपी मिश्रा की कोर्ट ने यह आदेश जारी किए हैं। हालांकि, सौरभ की फिलहाल रिहाई नहीं होगी। ईडी कोर्ट से जमानत मिलने के बाद ही उसकी रिहाई हो सकेगी।
खुद पेश हुआ, तीन एजेंसियां नहीं पकड़ सकीं
सौरभ गिरफ्तारी के पहले 41 दिन से फरार था। छापे वाले दिन 19 दिसंबर को वो दुबई में था। इसके 4 दिन बाद 23 दिसंबर को भारत लौट आया लेकिन, तलाश में जुटी लोकायुक्त, ईडी और आयकर की टीम उसे पकड़ नहीं सकी। तीनों एजेंसियों को चकमा देकर सौरभ 28 फरवरी को अपने वकील राकेश पाराशर के साथ लोकायुक्त की विशेष अदालत में सरेंडर करने पहुंचा था। कोर्ट ने उसे अगले दिन 11 बजे हाजिर होने के आदेश दिए थे। अगले दिन कोर्ट पहुंचने से पहले ही उसकी गिरफ्तारी कर ली गई थी।
लोकायुक्त, आयकर और ईडी विभाग ने छापे मारे
भोपाल में आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा के यहां 9 दिन में तीन एजेंसियां ED, लोकायुक्त और आयकर विभाग ने छापे मारे थे। कार्रवाई के दौरान उसके पास 93 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी मिली। इनमें कार में मिला 52 किलो सोना और 11 करोड़ कैश भी शामिल है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 27 दिसंबर को सौरभ शर्मा और उसके सहयोगी चेतन सिंह गौर, शरद जायसवाल, रोहित तिवारी के ठिकानों पर छापे मारे थे। सौरभ के परिजन और दोस्तों के खातों में 4 करोड़ रुपए का बैंक बैलेंस पाया। इसके अलावा 23 करोड़ की संपत्ति भी जांच के दायरे में ED ने ली थी।