
SDM’s Jeep attacked: अतिक्रमण हटाने की गलतफहमी में ग्रामीणों ने कर दिया हमला
Aligarh: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी (एसडीएम) की गाड़ी पर अचानक पथराव कर दिया। हमला इतना तीव्र था कि एसडीएम को अपनी जान बचाने के लिए वाहन छोड़कर करीब एक किलोमीटर तक दौड़ लगानी पड़ी। वे किसी तरह पास के थाने पहुंचकर सुरक्षित हुए। घटना के बाद मौके पर कई थानों की पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे तथा हालात पर नियंत्रण पाया गया।
*अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई बनी विवाद का कारण*
घटना महुआ खेड़ा थाना क्षेत्र के कयामपुर गांव की है। यहां नगर निगम की टीम सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची थी। अभियान के दौरान ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया और कई महिलाएं जेसीबी मशीनों के आगे लेट गईं। प्रशासन ने समझाइश के बाद कार्रवाई पूरी की और टीम वहां से लौट गई। लेकिन कुछ देर बाद ग्रामीणों में आक्रोश फिर भड़क उठा।
*गलतफहमी में शुरू हुआ पथराव*
जानकारी के मुताबिक, अतरौली SDM Sumit Singh बाद में उसी मार्ग से गुजर रहे थे। ग्रामीणों को भ्रम हुआ कि प्रशासनिक टीम दोबारा अतिक्रमण हटाने आई है। देखते ही देखते भीड़ ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख एसडीएम, उनका चालक और गनर वाहन से उतरकर भागे। सुमित सिंह किसी तरह महुआ खेड़ा थाना तक पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी।
*पुलिस की तैनाती और जांच*
हमले की सूचना मिलते ही SSP Neeraj Jadon के निर्देश पर आसपास के चार थानों की पुलिस बल मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने गांव का निरीक्षण किया, लेकिन तब तक भीड़ तितर-बितर हो चुकी थी। पुलिस ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और हमलावरों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
ADM और अन्य अधिकारी भी देर शाम घटनास्थल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
*प्रशासन की सख्त चेतावनी*
SSP ने बताया कि घटना के संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
इस घटना ने अलीगढ़ प्रशासन को झकझोर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, गलतफहमी और भड़काऊ अफवाहों के चलते हुआ यह हमला स्थानीय कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।





