पैनिक क्रिएट न करें;हमें अपने बिहेवियर को पॉजिटिव रखना होगा

पैनिक क्रिएट न करें;हमें अपने बिहेवियर को पॉजिटिव रखना होगा

मीडियावाला.इन।

हमें अपने बिहेवियर को पॉजिटिव रखना होगा। पैनिक करने की जरूरत नहीं है। 99% लोगों को हॉस्पिटल जाने की जरूरत नहीं पड़ती है। हॉस्पिटल जाने के दो नुकसान हैं। एक आप गैरजरूरी बेड भरेंगे। किसी सीरियस मरीज को इससे बेड नहीं मिलेगा। एक तरह का पैनिक भी क्रिएट होगा। अगर खांसी बढ़ रही है या सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो डॉक्टर से बात करें।

हेल्थ केयर वर्कर्स का ध्यान रखना जरूरी: डॉ. नवीत विग
एम्स के मेडिसिन विभाग के HoD डॉ. नवीत विग ने कहा कि अगर हमें इस बीमारी को हराना है तो हमें हेल्थ केयर वर्कर्स को बचाना है। हेल्थ केयर वर्कर बचेंगे तो मरीज बचेंगे। ये दोनों बचेंगे तो देश की इकोनॉमी बचेगी। ये सरकार, नेताओं और आम जनता की सभी की जिम्मेदारी है।

5% से नीचे लाना होगा पॉजिटिविटी रेट
जिलों के अधिकारियों को भी अपने यहां पॉजिटिविटी रेट की निगरानी करनी चाहिए। इसे 1-5% से नीचे रखने का लक्ष्य रखना चाहिए। मुंबई में एक समय 26% पॉजिटिविटी रेट था, लेकिन पाबंदियों के बाद यह 14% पर आ गया। दिल्ली में यह 30% है। हमें सख्त प्रतिबंध लगाना चाहिए। अपने डॉक्टर को सपोर्ट करें। उन पर भरोसा करें। अधिकारियों को भी एक्टिव होना पड़ेगा। तभी पैनिक कम होगा। वैक्सीन बेझिझक होकर लगवाएं। किसी को कुछ नहीं होगा। इसमें 1% की भी झिझक नहीं होनी चाहिए। अगर टेस्ट नहीं करा पा रहे हैं तो खुद को आइसोलेट कर लीजिए।

घर पर रहकर ठीक हो जाएं तो अच्छा है
अगर घर पर रहकर आप डॉक्टर की निगरानी में हैं तो यह ज्यादा अच्छा है। इसके बावजूद ऑक्सीजन लेवल गिर रहा है तो हॉस्पिटल जाना है। बाकी टाइम आपको सावधानी रखनी है। हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमी इसलिए हुई है, क्योंकि डिमांड बहुत बढ़ गई है। हमारे स्टील प्लांट्स के पास बहुत ऑक्सीजन है, लेकिन उसे ट्रांसपोर्ट करने की सुविधा नहीं है। अब इसकी तैयारी कर ली गई है। एक-दो दिन में हालात सामान्य हो जाएंगे।

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