UGC के विरोध में उज्जैन में सपाक्स पार्टी सहित कई संगठनों का जोरदार प्रदर्शन 

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UGC के विरोध में उज्जैन में सपाक्स पार्टी सहित कई संगठनों का जोरदार प्रदर्शन 

उज्जैन से अजेंद्र त्रिवेदी की रिपोर्ट

उज्जैन: केंद्र सरकार द्वारा जारी विश्वविद्यालय अधिनियम अधिनियम 2026 (UGC) सामान्य वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग का विरोधी एवं विशेष कर इन वर्गों की छात्राओं के लिए परेशान करने वाला है।

उच्च शिक्षा परिसरों में सामान्यतः सीनियर छात्र ही जूनियर छात्र-छात्राओं को परेशान करते हैं। जाति से इसका कोई संबंध नहीं है। दूसरा बलवान छात्र एवं समूह में रहने वाले छात्र ही जूनियर छात्र-छात्राओं को परेशान करते हैं। यहां भी जाति से कोई संबंध नहीं है। इसलिए यह आवश्यक है कि छात्र-छात्राओं को किन प्रकारों से परेशान किया जा सकता है उसकी भी छानबीन कर उसका भी परिभाषा में जोड़ें। विनियम केवल वर्ग विशेष के संरक्षण के लिए ना हो वरन् सभी वर्गों के समान रूप से संरक्षण के लिए हो। इस प्रकार जहां भी आवश्यकता हो उसमें संशोधन किया जाए।

उक्त आशय का ज्ञापन पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ हीरालाल त्रिवेदी राष्ट्रीय संयोजक सपाक्स पार्टी, अनिल सिंह चंदेल एवं हरदयालसिंह ठाकुर क्षत्रिय महासभा, सुरेंद्र चतुर्वेदी ब्राह्मण महासभा, महामंडलेश्वर शैलेषानंद जी, शैलेंद्र सिंह झाला करनी सेना,दिनेश श्रीवास्तव कायस्थ महासभा,वैश्य समाज, महाराष्ट्रीयन समाज आदि कई संगठन प्रमुखों की अगुवाई में राष्ट्रपति एवं राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपे गए।

सपाक्स के प्रवक्ता जे आर माहुरकर ने बताया कि ज्ञापन के पूर्व घंटाघर पर सभी समाज जन एकत्रित हुए। उन्होंने अपने-अपने उद्गार व्यक्त किया। भाषणों में भाजपा सरकार के हिंदू सम्मेलनों को जहां एक और सराहा गया वहीं इस प्रकार के जातिवादी एवं काले कानून एवं नियम बनाने के लिए चेतावनी भी दी गई कि यदि इन नियमों को वापस नहीं लिया या संशोधन नहीं किया तो भाजपा सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। बड़ी संख्या में महिलाएं एवं हजारों युवाओं एवं नागरिकों ने कैंडल मार्च के साथ शहीद पार्क पर पहुंचकर कुलपति एवं जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से, अरविंद सिंह चंदेल, निर्भय निर्दोष, मानक लाल उपाध्याय, अजेंद्र त्रिवेदी, आयुष आचार्य, जेएस परिहार, अरुण पंड्या, भगवान शर्मा,श्याम मेहता, राजहंस गायकवाड, अजीत पंडित, सोनाली विजयवर्गीय आदि बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा एवं नागरिक बंधु उपस्थित रहे।