
Shameful Negligence in Indore: रेसीडेंसी कोठी की रसोई में कॉकरोच-कीड़े मिले, राज्यपाल मंगू भाई पटेल हुए नाराज, छोड़ा खाना!
कलेक्टर शिवम वर्मा और एडीएम रोशन राय तलब, प्रशासन में अफरा-तफरी!
Indore : प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल की इंदौर यात्रा के दौरान प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल कर रख दी। जिस रेसीडेंसी कोठी में राज्यपाल ठहरे हुए थे, वहां की रसोई में गंदगी, कॉकरोच और सड़ी सामग्री मिलने से हड़कंप मच गया। हालात देखकर राज्यपाल ने नाराजगी जताई और दोपहर का भोजन करने से साफ इनकार कर दिया। घटना के बाद प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई और कलेक्टर शिवम वर्मा तथा एडीएम रोशन राय को तत्काल तलब किया गया।
दीक्षांत समारोह में बतौर अतिथि आए थे इंदौर!
राज्यपाल मंगलवार को देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) के दीक्षांत समारोह में शामिल होने इंदौर पहुंचे थे। उन्हें रेसीडेंसी कोठी के रूम नंबर 9 में ठहराया गया था। सुबह नियमित निरीक्षण के दौरान ADC नरेंद्र रावत (IPS) और उनके साथ मौजूद अधिकारी विपुल शाह किचन पहुंचे। वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी अवाक रह गए। रसोई में चारों तरफ गंदगी फैली थी, कॉकरोच और कीड़े घूमते नजर आए, बर्तन गंदे पड़े थे और सड़े आलू व सब्जियों के छिलके बिखरे हुए थे। इसके बाद अधिकारियों ने तुरंत राज्यपाल को पूरी स्थिति से अवगत कराया। जानकारी मिलते ही राज्यपाल ने वहां भोजन करने से मना कर दिया और अधिकारियों से कहा कि वे एयरपोर्ट पर भोजन करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल की सुरक्षा में तैनात अधिकारियों को दाग और धब्बों वाली बेडशीट दी गई थी। जब साफ बेडशीट की मांग की गई तो कर्मचारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसी लापरवाही के बाद अधिकारियों ने किचन और पैंट्री का विस्तृत निरीक्षण किया, जिसमें और भी गंभीर कमियां-खामियां सामने आईं। पैंट्री और फ्रिज में भी गंदगी मिली तथा सड़ी सामग्री रखी पाई गई। हालात देखकर अधिकारियों ने किचन इंचार्ज राकेश सिंह और अमित शर्मा को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने तत्काल सुधार के निर्देश देते हुए जरूरी बर्तनों और सामग्री की सूची मांगी। दोपहर तक नए कुकर और क्रॉकरी की व्यवस्था करानी पड़ी।
एजेंसी पर सवाल?
रेसीडेंसी कोठी की हाउसकीपिंग की जिम्मेदारी रतन एंपोरियम सिक्योरिटी कंपनी के पास बताई गई है, जिसके संचालक अमनवीर अरोरा हैं। कर्मचारियों का दावा है कि जुलाई 2023 से उनका भुगतान लंबित है और हाल ही में केवल चार लाख रुपये ही जारी किए गए हैं। भुगतान अटकने के कारण व्यवस्थाएं प्रभावित होने की बात भी सामने आई हैं!





