शंकराचार्य को अतीक अहमद की तरह हत्या की धमकी…

सनातनी देश में अराजकता की स्थिति...!

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शंकराचार्य को अतीक अहमद की तरह हत्या की धमकी… 

कौशल किशोर चतुर्वेदी

ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती को गौ रक्षा अभियान के बीच धमकी भरे संदेश मिले हैं। टेक्स्ट और वॉइस मेल में अभद्र भाषा के साथ जान से मारने की धमकी भी दी गई है। और जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल ऑडियो क्लिप में सुनाई दे रहा है, वह शर्मसार करने वाला है। यदि सनातनी देश में ज्योतिष्पीठ शंकराचार्य को हत्या की धमकी देने का दुस्साहस कोई कर रहा है और मानो कि हत्या कर भी देता है, तब यह बात तय है कि भारत के विश्व गुरु बनने की कल्पना भी बेमानी साबित होगी। अगर हत्या की धमकी भी सिर्फ इसलिए दी जा रही है कि शंकराचार्य गौ रक्षा के अभियान से कोई समझौता करने को तैयार नहीं हैं। और वह भी तब कि जब एक दिन पहले वृंदावन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी गोरक्षा अभियान का समर्थन किया है, तब शंकराचार्य को इसी मुद्दे पर मारे जाने की धमकी मिलना वास्तव में आश्चर्यजनक है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने वृंदावन में संत सम्मेलन (7 अप्रैल 2026) के दौरान गौहत्या रोकने और गौ-रक्षा के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया था। उन्होंने जोर देकर कहा था कि राम मंदिर आंदोलन की तरह ही जन-भावना (जन-जागरूकता) से ही गौहत्या को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है, न कि केवल कानूनों के भरोसे। और ऐसे में जब ज्योतिषपीठ शंकराचार्य अगर जनजागरूकता लाने का काम कर रहे हैं तब उन्हें हत्या की धमकी मिलने का मामला कानून-व्यवस्था को सीधी चुनौती देने जैसा माना जा सकता है।

ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती को गौ रक्षा अभियान के बीच जान से मारने की धमकी मिलने से संत समाज और उनके अनुयायियों में आक्रोश का माहौल है। बताया जा रहा है कि बीते कुछ वर्षों से शंकराचार्य “गौ माता–राष्ट्रामाता” अभियान के तहत देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को लेकर सक्रिय हैं। इसी क्रम में आगामी तीन मई से उत्तर प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा में उनकी “गविष्ठी यात्रा” प्रस्तावित है, जिसके माध्यम से वे लोगों को गौ संरक्षण के प्रति जागरूक करने और हर विधानसभा क्षेत्र में “रामा गौ धाम” स्थापित करने के लिए प्रेरित करेंगे। इस बीच उन्हें लगातार धमकी भरे संदेश मिलने की बात सामने आई है। जानकारी के अनुसार, ज्योतिर्मठ के आधिकारिक मोबाइल नंबर पर 1 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 10:25 से 10:35 बजे के बीच लगातार आपत्तिजनक टेक्स्ट मैसेज भेजे गए। इसके बाद नंबर को ब्लॉक किए जाने पर 6 अप्रैल को दोपहर 1:55 और 1:57 बजे वॉइस मेल के जरिए अभद्र और धमकीपूर्ण ऑडियो संदेश भेजे गए। इन संदेशों में न सिर्फ अपशब्दों का प्रयोग किया गया है, बल्कि शंकराचार्य को जान से मारने की खुली धमकी भी दी गई है। संदेशों में उनकी यात्रा के दौरान हमले की बात कही गई है।

हालांकि इस पूरे मामले में अब विधिक कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। शंकराचार्य के अधिवक्ताओं द्वारा जल्द ही संबंधित धाराओं में शिकायत दर्ज कराई जाएगी। संत समाज ने भी प्रशासन से मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लेकिन वास्तव में इस तरह की धमकी को कतई सहन नहीं किया जा सकता है। अगर भारत में गौरक्षा अभियान चलाने वाले शंकराचार्य को अतीक अहमद की तरह मारे जाने की धमकी दी जाती है और यदि मान लिया जाए कि पुलिस और प्रशासनिक लापरवाही के चलते धमकी देने वाला हत्या करने में भी सफल हो जाता है, तब सनातनी देश में इससे बड़ी अराजकता की स्थिति और कुछ नहीं हो सकती है। भले ही सत्ता और संत संघर्ष विद्यमान हो, तब भी ऐसे किसी दुस्साहसी को कतई बख्शा नहीं जा सकता… वरना भारत जैसे देश को विश्वगुरु बनते कभी नहीं देखा जा सकेगा। और आज अगर यह स्थिति शंकराचार्य के साथ होती है तो कल के दिन गौरक्षा की बात करने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत पर भी ऐसे दुस्साहसी अपना निशाना साध सकते हैं…।

लेखक के बारे में –

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।

वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।