तो राम निवास की वापसी के साथ

मंत्रिमंडल विस्तार की आस...

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तो राम निवास की वापसी के साथ

कौशल किशोर चतुर्वेदी

केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ वन-टू-वन मुलाकात के बाद पिछली दो कैबिनेट बैठकों में अनुपस्थित रहे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल को लेकर मध्य प्रदेश में अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। वहीं, ग्वालियर हाईकोर्ट के फैसले के बाद ‘रामनिवास रिटर्न्स’ में ज्यादा संशय नहीं बचा है। सुप्रीम कोर्ट मुकेश मल्होत्रा की सदस्यता शून्य करने के मामले में क्या रवैया अपनाता है, पन्द्रह दिन में यह स्थिति भी साफ हो जाएगी। यह बात भी तय है कि यदि रामनिवास रावत की वापसी होती है तो मध्य प्रदेश सरकार उन्हें मंत्री पद लौटाने की भी पूरी तैयारी रखेगी। उपचुनाव में हारने के बाद रामनिवास रावत को कैबिनेट मंत्री का पद भी छोड़ना पड़ा था। और उनके बाद किसी और को वन मंत्रालय का कैबिनेट मंत्री भी नहीं बनाया गया। हो सकता है कि बहुत सारे संयोग एक साथ मिलकर राम निवास रावत को वापस कुर्सी लौटाने की पूरी तैयारी कर चुके हैं। ऐसे में उनकी वापसी के साथ मंत्रिमंडल विस्तार की आस भी तेजी से लगाई जा रही है। ऐसे में हिंदू नववर्ष के साथ मंत्रिमंडल विस्तार की प्रबल संभावना है। किन मंत्रियों की छुट्टी होती है और कौन से नए चेहरे मंत्रिमंडल में शामिल किए जा सकते हैं, यह अलग बात है लेकिन राम निवास रावत को मंत्री पद मिलने के पूरे योग हैं और विस्तार के साथ राम निवास रावत फिर अपने पुराने तेवरों में नजर आ सकते हैं।

मध्य प्रदेश के विजयपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर हाईकोर्ट ने 9 मार्च 2026 को अपना महत्वपूर्ण फैसला सुना दिया। कोर्ट ने मुकेश मल्होत्रा के निर्वाचन को शून्य घोषित करते हुए पूर्व वन मंत्री रामनिवास रावत को विजयी बताकर विधायक घोषित कर दिया है। इस फैसले से विजयपुर की राजनीति में बड़ा बदलाव आ गया है और कांग्रेस के मौजूदा विधायक मुकेश मल्होत्रा की विधायकी छिन गई है। कोर्ट ने कहा कि मुकेश मल्होत्रा ने नामांकन पत्र और चुनावी शपथ पत्र में गलत व अधूरी जानकारी दी थी, जो चुनाव आयोग के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। इससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हुई।

करीब 11 महीने पहले रामनिवास रावत ने हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल की थी। उन्होंने उपचुनाव को रद्द करने की मांग की थी। रावत का आरोप था कि कांग्रेस उम्मीदवार मुकेश मल्होत्रा ने अपराधिक रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां छुपाईं। याचिका की सुनवाई के बाद कोर्ट ने अंतिम बहस पूरी की और फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई पूरी होने पर कोर्ट ने रावत के पक्ष में फैसला सुनाया। कोर्ट ने माना कि नामांकन में गड़बड़ी के कारण चुनाव वैध नहीं था।

उपचुनाव में मुकेश मल्होत्रा ने रामनिवास रावत को हराकर विधायक का पद हासिल किया था। रावत उस समय राज्य के वन मंत्री थे। लेकिन, अब कोर्ट के फैसले से रावत को विधायक का दर्जा मिल गया है। हालांकि, हाईकोर्ट ने अपने आदेश को 15 दिनों के लिए स्थगित रखा है। इस दौरान मुकेश मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का मौका दिया गया है। 15 दिन बाद ही कोर्ट का आदेश प्रभावी होगा।

इस फैसले से विजयपुर क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।कांग्रेस खेमे में निराशा है, जबकि भाजपा समर्थक उत्साहित हैं। रामनिवास रावत ने फैसले का स्वागत किया और कहा कि न्याय की जीत हुई है। वहीं, मुकेश मल्होत्रा ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और न्याय की उम्मीद रखते हैं। तो अब गेंद सुप्रीम कोर्ट के पाले में है। अगर सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट के फैसले पर मुहर लगाती है तो मुकेश मल्होत्रा को निराशा हाथ लग सकती है। हालांकि, कांग्रेस दल अपने विधायक की विधायकी को बरकरार रखने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है। और ऐसे में जब मंत्रिमंडल विस्तार में विश्वास के साथ छँटनी वाले नाम लिए जा रहे हैं, तब राम निवास की वापसी के साथ ही मंत्रिमंडल विस्तार की पूरी आस है और उसमें राम निवास की ताजपोशी होने पर पूरा भरोसा किया जा सकता है…।

 

 

 

 

लेखक के बारे में –

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।

वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य  कर चुके हैं।