शादी का अनोखा कार्ड जो शायद ही आपने पहले कभी देखा हो

शादी का अनोखा कार्ड जो शायद ही आपने पहले कभी देखा हो

मीडियावाला.इन।

मुस्लिम युवक की शादी के कार्ड पर श्री गणेशाय नम: अंकित  हो और गणेश जी का चित्र भी हो, तो आप सोंचेगे कि शायद यह सपना हो। पर यह बात एक सपना नहीं बल्कि हकीकत है जिसे अमली जामा पहनाया है कुम्भराज जिला गुना निवासी इरफान खान ने।
 यह अनोखा कार्ड सोशल मीडिया पर भी वायरल भी हो गया जिसमें दूल्हे का नाम इरफान खान है, जबकि शादी के कार्ड के शीर्षक में श्री गणेशाय नम: अंकित है। इसे लेकर लोगों में मिला जुला रिएक्शन मिल रहा है। सद्भाव और हिंदू-मुस्लिम के बीच के संबंधों की यह कार्ड एक मिसाल है। मृगवास निवासी युसूफ खान ने अपने आखिरी बेटे की शादी को एक यादगार बनाने के लिए यह कार्ड छपवाया है। पारिवारिक व समाज के दबाव में उन्होंने दो तरह के कार्ड छपवाए। एक पूरी भाषा उर्दू में भी है।
इस चर्चित कार्ड में गणेश जी का चित्र के अलावा प्रथम पूज्य गणपति देव के नाम से इसकी शुरुआत की है। हालांकि इससे युसूफ के कुछ रिश्तेदार नाराज हैं लेकिन युसूफ साफ तौर पर कहना है कि खुदा एक है, इसे ईश्वर या अल्लाह के नाम से पुकारा जाता है। शादी आज 7 अप्रैल को है और प्रीतिभोज शाम 5 बजे से उनके आवास पर है। 
युसूफ खान का कहना है कि उनके हिंदुओं के परिवारों में उठना बैठना है इसलिए यह फैसला लिया कि दो तरह के कार्ड छपवाए जाएं, हिंदू भाइयों को उन्होंने सनातन धर्म वाले कार्ड दिए हैं जबकि उर्दू वाले कार्ड अपने समाज के लोगों को दिए हैं। उनकी चांचौड़ा ब्लाक के मृगवास कस्बे में चंचल लाइट डेकोरेशन की दुकान है। 
हिंदू भाइयों को भेजे कार्ड में श्री गणेशाय नम: के साथ एक शायरी भी लिखी गई है। ईश्वर-अल्लाह के नाम से हर काम का आगाज करता हूं, उन्हीं पर है भरोसा उन्हीं पर नाज करता हूं। वहीं बेटे को आयुष्मान और सुपुत्र लिखा है।इरफान की शादी गांव में ही तय हुई है। 7 अप्रैल को इस्लामी परंपरा अनुसार निकाह होना है। इरफान हैदारबाद में व्यवसाय करता है। पिता की लाइट की दुकान है। शादी ईदगाह मस्जिद के पास होगी जिसमें सभी समाज के लोगों को न्यौता दिया गया है।
 भोपाल निवासी भावेश श्रीवास्तव ने फेसबुक पर यह कार्ड शेयर करते हुए लिखा है कि इरफान बहुत अच्छी पहल की है आपने। आपके पूर्वज की यही पूजा पद्धति थी। फिर एक आंधी आई और काल, परिस्थिति के अनुसार आपके पूर्वजों को पूजा पद्धति बदलने पर मजबूर किया गया। उनके सामने 3 ही विकल्प थे। या तो वो अपनी घर की बहू बेटी को उन दुर्दांत लोगों को देता या वो अपनी गर्दन उतरवाते या पूजा पद्धति बदलते। उन्होंने पूजा पद्धति बदलने वाला विकल्प स्वीकार किया। खैर देर आए, दुरुस्त आए। पर अब आपको संभलकर रहना होगा क्योंकि ऐसा करके आपने कुछ लोगों से दुश्मनी मोल ले ली है।इरफान बहुत शुभकामनाएं आपको। आपका वैवाहिक जीवन सफल रहे।

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