
सच कहना और लिखना दोनों ही साहस के परिचायक- ‘जियो तो बिंदास जियो’ भाग 2 का विमोचन
इंदौर।छुपा हुआ सच कहना आसान नहीं होता और अपनी जिंदगी की सच्चाई से रूबरू करने से हर कोई बचता है, लेकिन अपनी जिंदगी का सच किताबों में दस्तावेज की तरह उजागर करने का साहस ही आत्मकथा में होता है। वरिष्ठ पत्रकार दिनेश सोलंकी ने ऐसी आत्मकथा का दूसरा भाग भी लिख डाला। उनकी लिखित पुस्तक जियो तो बिंदास जियो भाग 2 का विमोचन हाल ही में इंदौर प्रेस क्लब सभागृह में किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ लेखक योगेंद्र नाथ शुक्ल थे, जबकि अध्यक्षता इंदौर प्रेस क्लब के अध्यक्ष दीपक कर्दम ने की। विशेष अतिथि के रूप में मालवी लेखिका माया बदेका, लघुकथा लेखिका मीरा जैन, शिक्षाविद डॉ. अखिलेश राव थे। कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार दिनेश तिवारी उपवन ने किया।

इस अवसर पर प्रसिद्ध बाल नृत्यांगना नंदीशा जैन ने शिव तांडव की प्रस्तुति दी। विशेष उद्बोधन जानी मानी साहित्यकार श्रीमती डॉ स्वाति तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार डॉ प्रकाश हिंदुस्तानी, संगीतकार श्री सुनील शर्मा ने पुस्तक लेखक सोलंकी को बधाई देते हुए उनके साहस की सराहना की। सुरीली बिछात के श्री गोपाल वाधवा, राग इन्दोरियन के श्री तन्मय पांडे सहित अतिथियों ने श्री सोलंकी का सम्मान किया।
इस अवसर पर श्री सोलंकी ने कहा कि सच लिखना और बोलना दोनों ही महत्वपूर्ण होते हैं और मेरी किताब जीवन की किताब खुली किताब है, इसलिए जो भी कुछ सच लिखा है वह दूसरों के जीवन के लिए प्रेरणा भी बनता है और सबक भी बनता है। गायिका कनिका कौर ने अतिथियों का स्वागत किया।

कार्यक्रम में दूर-दूर से आए साहित्यकार पत्रकार भी उपस्थित थे। इस मौके कर लघु कवि सम्मेलन भी किया गया जिसमें जिसमें डॉ दीप्ति गुप्ता, स्वाति सोलंकी, शिला चन्दन, तृप्ति शाह, सुनीता भाटी, केपीएस चौहान, निरुपमा तिवारी, कविता चौहान, तेजकरण दुबे ने हिस्सा लिया ।

इस मौके पर मीडियावाला के प्रधान संपादक श्री सुरेश तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता शेखर बुंदेला, महू प्रेस क्लब अध्यक्ष राधे कौशल, वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र श्रीवास, अरुण सोलंकी, प्रेस फोटोग्राफर कमल वर्मा, पवन बडोनिया और बीजेपी नेता भी उपस्थित थे।





