ब्रिस्बेन में 32 साल में 31 हमले नाकाम कर चुका है ऑस्ट्रेलिया, क्या इतिहास बदलेगी टीम इंडिया?

ब्रिस्बेन में 32 साल में 31 हमले नाकाम कर चुका है ऑस्ट्रेलिया, क्या इतिहास बदलेगी टीम इंडिया?

मीडियावाला.इन।

विराट कोहली (Virat Kohli) उस वक्त 15 दिन के थे. रोहित शर्मा (Rohit Sharma) की उम्र 1 साल थी. अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) 5 महीने तो चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) 11 महीने के हुए थे. जबकि अश्विन (Ashwin) बस 2 साल के थे. ये उम्र थी भारतीय क्रिकेट के मौजूदा सुपरस्टार्स की जब ऑस्ट्रेलिया को ब्रिस्बेन में आखिरी बार किसी टेस्ट मैच में हार मिली थी. इनमें इस वक्त विराट कोहली तो टीम इंडिया का हिस्सा नहीं है लेकिन बाकी सब के सब उस टीम में है, जो इस वक्त ब्रिस्बेन में है और जिन पर ऑस्ट्रेलिया के गढ़ को जीतने का दारोमदार होगा.

जी हां, ऑस्ट्रेलिया में टीम इंडिया का कारवां अब अपने आखिरी पड़ाव पर है. वो पड़ाव जिसे अगर भारतीय टीम ने अपनी शर्तों पर पार कर लिया तो क्रिकेट का इतिहास उसे सदा सदा के लिए याद रखेगा. उसकी ये जीत उसके पिछले दौरे पर मिली जीत से भी बढ़कर आंकी जा सकती है. आप सोच रहे होंगे कि भला ये कैसे तो जरा ये आंकड़ा देखिए.

ब्रिस्बेन है ऑस्ट्रेलिया का गढ़

ब्रिस्बेन में ऑस्ट्रेलियाई टीम को आखिरी बार शिकस्त साल 1988 में मिली थी. तब वेस्टइंडीज की टीम ने उसे 9 विकेट से रौंद दिया था. इसके बाद 7 टीमों ने बारी बारी से उसे हराने की कुल 31 बार कोशिश की. लेकिन किसी भी टीम को कामयाबी नहीं मिली. इस दौरान 3 नाकाम कोशिश भारत ने भी की. किसी एक वेन्यू पर बगैर हारे लगातार सबसे ज्यादा टेस्ट खेलने का ऑस्ट्रेलिया के नाम दर्ज ये बड़ा कीर्तिमान है. यही वजह है कि ब्रिस्बेन को उसका असली गढ़ भी माना जाने लगा है. अब अगर ऐसे में भारतीय टीम 1988 के बाद अपने चौथे प्रयास में ऑस्ट्रेलिया के अभेद किले में छेद कर देता है, तो जीत बड़ी हुई या नहीं. बस इसी जीत की ताक में भारतीय बल्लेबाज जुट गए हैं.

तैयारी बड़ी जीत की

रोहित हों , रहाणे ये फिर कोई और ब्रिस्बेन की नेट्स पर सभी ने अपनी तैयारियों को अंजाम देना शुरू कर दिया है. ये भूलकर कि टीम के कई सुपरस्टार चोटिल हैं, उन्होंने ये ठान लिया है कि तैयारी दुरुस्त हो तो मुश्किल कुछ भी नहीं. और वही वो करते दिख रहे हैं.

ब्रिस्बेन में रहेगा बल्लेबाजों का बोलबाला

पेस अटैक और स्पिन भारतीय बल्लेबाज दोनों के खिलाफ जमकर अभ्यास करते दिखाई दिए. गेंद को टच करने के बाद इनके बल्ले से निकलने वाली आवाज बता रही है कि ब्रिस्बेन में रन बरसेंगे. और, बरसे भी क्यों न ब्रिस्बेन की विकेट पाटा मतलब बल्लेबाजों के लिए स्वग जो है. बेशक ब्रिस्बेन में तेज गेंदबाजों को शुरुआती मदद मिलती दिखे लेकिन बाद में महफिल लूटते बल्लेबाज ही दिखेंगे. बल्लेबाजी के दम पर ही फैसला होगा कि ऑस्ट्रेलिया का गढ़ इस बार भी बचेगा या भारतीय टीम उसे जीतकर नया इतिहास लिखेगी.

TV9 भारतवर्ष

0 comments      

Add Comment