दर्दनाक हादसा: लकड़ी की नाव से नर्मदा नदी पार कर रहे दो लोगों की मौत, बिजली के तारों की चपेट में आने से फैले करंट से हुई मौत

दर्दनाक हादसा: लकड़ी की नाव से नर्मदा नदी पार कर रहे दो लोगों की मौत, बिजली के तारों की चपेट में आने से फैले करंट से हुई मौत

मीडियावाला.इन।

बड़वानी से सचिन राठौर की ख़ास खबर 

बड़वानी-राजघाट में आज नर्मदा नदी में करंट फैलने से दो लोगो की मौत हो गई है मृतक चिमन दरबार और सन्तोष दरबार आज अपने परिजनों को खाना देने जा रहे थे उसी दौरान बिजली के तारों की चपेट में आ गए और हादसा हो गया. नाव में कुल 5 लोग सवार थे जिनमें 3 लोग बच गए जबकि करंट लगने से दो की मौत हो गई है. बता दें कि नर्मदा का जलस्तर 131 मीटर से ऊपर है जिसके कारण राजघाट का कुकरा गाँव टापू में तब्दील हो गया जहाँ पर 40 परिवार अभी भी निवासरत हैं. 

          राजघाट में आज नर्मदा नदी में करंट फैलने से दो लोगो की मौत हो गई है । मृतक चिमन दरबार ओर सन्तोष दरबार आज अपने परिजनों को खाना देने जा रहे थे उसी दौरान बिजली के तारों की चपेट में आग गए और हादसा हो गया।

 नाव में कुल 5 लोग सवार थे जिनमे 3 लोग बच गए जबकि करंट लगने से दो की मौत हो गई है। बता दे की नर्मदा का जलस्तर 131 मीटर से ऊपर है जिसके कारण राजघाट का कुकरा गांव टापू में तब्दील हो गया, जहाँ पर 40 परिवार अभी भी निवासरत है।  इसमें नाव में सवार लोग अपने परिवार के लोगों को बड़वानी से खाना देने जा रहे थे ओर हादसा हो गया। घटना के बाद पुलिस मौके पर पंहुच गई है ।  नर्मदा बचाओ आंदोलन इस घटना का जिम्मेदार प्रशासन को बता रहा है 

 नर्मदा बचाओ आंदोलन कार्यकर्ता राहुल यादव ने कहा कि

प्रशासन की लापरवाही के कारण बिजली सप्लाई बंद नही हुई जिससे ये हादसा हुवा है क्यो के बिजली के तार खेतो के है और जलस्तर 131 मिटर ह्यो गया बावजूद सप्लाय बन्द नही की गई थी  मौत के बाद जमकर हंगामा हुवा मृतकों के परिजनों सहित विस्थापितों ने हंगामा करते हुवे प्रशासन को खरी खोटी सुनाई 

 मेधा पाटकर-

नर्मदा बचाओ आंदोलन प्रमुख ने कहा कि जो हक मांग रहे थे उन्हें आज मौत मिली है। प्रशासन ने बोट की व्यवस्था की लेकिन उस बोट का उपयोग सिर्फ प्रशासन के लोग कर रहे है, ऐसे में जब ये लोग खाना लेकर पर्सनल नाव से जा रहे थे तो पानी मे करंट फैला था जिसके चलते उनकी जान गई है । मेधा ने कहा के दिल्ली और गुजरात जो पानी भर रहा है उसके सामने अब समय आ गया है मध्यप्रदेश की जनता और सरकार ने पुर जोर आवाज उठाना चाहिए ।

 मंत्री बाला बच्चन

मामले को प्रदेश के गृहमंत्री बाला बच्चन ने दुखद घटना बताते हुए पीड़ित परिवारो के साथ खड़ा होने की बात की है। गृहमंत्री ने कहा घटना की जानकारी मुझे नही थी। मै यात्रा में व्यस्त था । उन्होंने बताया की आज सुबह ही उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ को सरदार सरोवर बेक वाटर को लेकर बन रहे यहाँ के हालात से अवगत करवाया था।

 मेधा पाटकर-

नर्मदा बचाओ आंदोलन प्रमुख ने कहा कि जो हक मांग रहे थे उन्हें आज मौत मिली है। प्रशासन ने बोट की व्यवस्था की लेकिन उस बोट का उपयोग सिर्फ प्रशासन के लोग कर रहे है, ऐसे में जब ये लोग खाना लेकर पर्सनल नाव से जा रहे थे तो पानी मे करंट फैला था जिसके चलते उनकी जान गई है । मेधा ने कहा के दिल्ली और गुजरात जो पानी भर रहा है उसके सामने अब समय आ गया है मध्यप्रदेश की जनता और सरकार ने पुर जोर आवाज उठाना चाहिए ।

 मंत्री बाला बच्चन

मामले को प्रदेश के गृहमंत्री बाला बच्चन ने दुखद घटना बताते हुए पीड़ित परिवारो के साथ खड़ा होने की बात की है। गृहमंत्री ने कहा घटना की जानकारी मुझे नही थी। मै यात्रा में व्यस्त था । उन्होंने बताया की आज सुबह ही उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ को सरदार सरोवर बेक वाटर को लेकर बन रहे यहाँ के हालात से अवगत करवाया था।

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