कोरोना वायरस की तीव्रता हुई कम, इंदौर के लिए मिल रहे सकारात्मक संदेश,11 प्रतिशत मृत्यु दर घटकर अब 3.86 प्रतिशत,क्लिनिकल प्रोटोकॉल की समीक्षा बैठक सम्पन्न

कोरोना वायरस की तीव्रता हुई कम, इंदौर के लिए मिल रहे सकारात्मक संदेश,11 प्रतिशत मृत्यु दर घटकर अब 3.86 प्रतिशत,क्लिनिकल प्रोटोकॉल की समीक्षा बैठक सम्पन्न

मीडियावाला.इन।

इंदौर।संभागायुक्त  आकाश त्रिपाठी की अध्यक्षता में आज इंदौर में कोविड पॉज़िटिव प्रकरणों के प्रबंधन के संबंध में क्लिनिकल प्रोटोकॉल की समीक्षा के लिए गठित विशेषज्ञ समिति की बैठक संपन्न हुई। 

बैठक में बताया गया कि इंदौर में अब कोविड पॉज़िटिव मरीज़ों में कोरोना वायरस की तीव्रता कम आंकलित की जा रही है। यह एक सकारात्मक संदेश है। 

बैठक में एमजीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. वी. पी. पांडे ने बताया कि इंदौर में एनआरबी (नान रिब्रीथर मास्क) का उपयोग मरीज़ों को ऑक्सीजन देने में किया जा रहा है। इस प्रयोग से उन मरीज़ों को जिन्हें नाक में नली डालकर ऑक्सीजन देने पर भी सुधार नहीं हो रहा है, उन्हें साँस लेने में आसानी हो रही है। यह मास्क ऑक्सीजन थैरेपी में उपयोग में लाया जाता है।
   संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी ने बैठक में समीक्षा के बाद बताया कि यह एक अच्छी ख़बर है कि इंदौर में कोविड से मृत्यु के दर अब राष्ट्रीय औसत के नज़दीक आ गई है। इंदौर में जहाँ पहले लगभग 11 प्रतिशत मृत्यु दर थी, अब 3.86 प्रतिशत पर आ गई है। संभागायुक्त श्री त्रिपाठी ने बैठक में डेथ ऑडिट की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा दिए गए 10 प्रतिशत आडिट के स्थान पर कोविड से मृत्यु के सभी प्रकरणों की छानबीन की जाए और डेथ ऑडिट रिपोर्ट तैयार की जाए। श्री त्रिपाठी ने संभाग के आसपास के ज़िलों और विशेषकर खंडवा तथा बुरहानपुर के गम्भीर प्रकरण त्वरित रूप से इंदौर रेफ़र करने की आवश्यकता भी जतायी। बैठक में कोविड के ट्रीटमेंट प्लान की विस्तृत समीक्षा की गई और इस प्लान पर संतुष्टि जतायी गई। संभागायुक्त श्री त्रिपाठी ने डॉ. सलिल भार्गव से इस संबंध में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने डीन डॉ. ज्योति बिंदल को निर्देश दिए कि संभाग के सभी ज़िलों में विशेषज्ञ चिकित्सकों का एक वेबीनार आयोजित कर उन्हें ट्रीटमेंट प्लान के संबंध में और बेहतर ढंग से प्रशिक्षित करें।
    बैठक में शासन द्वारा मरीज़ों को डिस्चार्ज किये जाने के संबंध में नवीन गाइड लाइन पर भी चर्चा की गई। संभागायुक्त श्री त्रिपाठी ने निर्देश दिए कि इस गाइडलाइन के अनुरूप उपचाररत मरीज़ों के स्वास्थ्य की समीक्षा करें और जो इस गाइडलाइन के अनुरूप स्वस्थ पाए जा रहे हैं उनको डिस्चार्ज करने की प्रक्रिया आरंभ करें। बैठक में डीन मेडिकल कॉलेज डॉ. ज्योति बिंदल, डॉ. सलिल भार्गव, डॉ. वी.पी. पांडे, आईएमए के डॉ. सतीश जोशी, एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. के.के अरोरा, अरविंदो हॉस्पिटल के डॉक्टर मनोज केला आदि उपस्थित थे।

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