इंदौर में ৪৪ साल महिला ने दी कोरोना को मात, स्वस्थ होकर अस्पताल से हुई डिस्चार्ज

इंदौर में ৪৪ साल महिला ने दी कोरोना को मात, स्वस्थ होकर अस्पताल से हुई डिस्चार्ज

मीडियावाला.इन।

मध्य प्रदेश के इंदौर में कोरोना से प्रभावित मरीजों के सफल उपचार का सिलसिला जारी है। इंदौर में कोरोना के जटिलतम मरीजों का भी सफल उपचार कर उन्हें सकुशल नया जीवन जीने के लिये घर भेजा गया है। इन्हीं में से एक हैं ৪৪ वर्षीय महिला शालिनी बाई (परिवर्तित नाम) जो अभी तक सबसे अधिक उम्र की कोरोना संक्रमित मरीज हैं, साथ ही वह हार्ट पेशेंट भी हैं, जो कि कोरोना को हराकर सामान्य जीवन में लौट आई हैं।

ललितपुर उ.प्र. निवासी यह महिला फरवरी में इंदौर अपनी बेटी के यहां आईं। इसी बीच लॉकडाउन के चलते सभी परिवहन सेवाओं पर रोक लग गई और वह अपनी बेटी के यहां इंदौर में ही रुक गईं। इसी बीच परिवार के सदस्य कोरोना की चपेट में आए और वह महिला भी संक्रमित हो गईं। उन्हें दो-तीन दिन हल्का सा बुखार रहा। उन्हें भी परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अरविन्दों मेडिकल कॉलेज में 08 मई को भर्ती करवाया गया।

बिना भयभीत हुए उन्होंने प्रबल इच्छा शक्ति के बल पर कोरोना को हराया तथा अन्य लोगों को भी संबल प्रदान किया। सादगी, शाकाहार एवं प्रार्थना शुरू से ही उनके जीवन का आधार रहा और यही दिनचर्या उन्होंने अस्पताल में भी अपनाई।

शालिनी बाई कहती हैं कि अस्पताल में चिकित्सक, नर्स, वार्ड बॉय जी जान से हमारी सेवा में लगे रहे। मास्क लगाने में ही हमें इतनी गर्मी लगती है, फिर ये तो दिन-रात पीपीई किट में हमारी सेवा करते हैं, हम इन्हें नमन करते हैं। मैं सबसे यही कहना चाहती हूं कि घर पर रहें, सुरक्षित रहें, क्योंकि कोरोना चल कर हमारे घर नहीं आता है।

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