कमलनाथ सरकार के पूर्व मंत्री आखिर क्यों नहीं खाली कर रहे हैं सरकारी बंगले? सरकार ने दिए बेदखली के नोटिस

कमलनाथ सरकार के पूर्व मंत्री आखिर क्यों नहीं खाली कर रहे हैं सरकारी बंगले? सरकार ने दिए बेदखली के नोटिस

मीडियावाला.इन।

विशेष रिपोर्ट
विजय कुमार दास
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कमलनाथ सरकार के 24 केबिनेट मंत्रियों ने सरकार जाने के बाद नैतिकता के आधार  पर सरकारी बंगला अभी तक खाली नहीं किया है। शिवराज सरकार के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा मानते हैं कि ऐसी विडम्बना तो मध्यप्रदेश की राजनीति में कभी भी नहीं देखी गयी कि सरकार चली गई और पूर्व मंत्रियों ने सरकारी बंगला खाली करने में आना-कानी की। और तो और निष्ठुरता का आलम यह है कि कुछ मंत्रियों ने बेदखली के नोटिस को लेने से ही इंकार कर दिया तो गृह विभाग के निर्देश पर संपदा के अधिकारियों ने तहसीलदार को दल बदल सहित भेजकर नोटिस चस्पा कर दिया। आप एक पूर्व मंत्री का दंभ सुनकर चौक जायेंगे। उक्त पूर्व मंत्री ने बेदखली दल से कहा तुम्हे पता नहीं हम फिर वापस आने वाले हैं, तब तुम्हारा क्या हाल करेंगे, समझ लेना फिर आना। इधर उल्लेखनीय है श्यामला हिल्स 74 बंगले और चार इमली इलाकों में पूर्व मंत्रियों ने 24 सरकारी बंगलों पर अनाधिकृत कब्जा जमा रखा है। सूत्रों के अनुसार आज बेदखली दल पुलिस बल के साथ पूर्व वित्त मंत्री तरूण भानोत के बंगले को बल पूर्वक खाली कराने का आदेश गृह विभाग से प्राप्त कर लिया है। कहते हैं गृह विभाग ने आज शाम तक तरूण भानोत का चार इमली स्थिति बी-16 पुलिस बल के साथ जाकर बेदखली दल को तुरन्त खाली कराने का निर्देश दिया है। इधर गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने पूर्व मंत्रियों द्वारा सरकारी बंगले नहीं खाली करने जैसे कृत्य को बेशर्म चरित्र की संज्ञा देते हुए सख्त नाराजगी व्यक्त की है। गृह मंत्री ने विभाग के प्रमुख सचिव एस.एन. मिश्रा को स्पष्ट कहा है कि पूर्व मंत्रियों के बंगले शीघ्र ही खाली कराये जाये, जरूरत पडऩे पर बेदखली की जिन बंगलों में नोटिस चिपक गई उसे पहले बेदखल किया जाये। कुछ पूर्व मंत्रियों ने कोरोना संक्रमण समाप्त होने के बाद खाली करने का आश्वासन दिया है तो कुछ पूर्व मंत्रियों ने कहा है कि जब उनके नेता पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ बंगला खाली करेंगे उसी समय हम सब खाली कर देंगे। हालांकि नैतिकता और सुचिता तो यही कहती है, मंत्री नहीं रहे तो मंत्री के नाम पर आवंटित शासकीय बंगला 1 महीने के भीतर ही खाली हो जाना चाहिए। यदि किसी का बंगला विधायक कोटे से आवंटित किया गया हो जैसे कि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एन.पी. प्रजापति का कहना है तब बात अलग है। सरकार को उक्त बंगले के आवंटन आदेश में परिवर्तन करना होगा। रहा सवाल अब पूर्व मंत्रियों के 24 बंगलों का, आज नहीं तो कल वे खाली करेंगे परन्तु सत्ता हाथ से जाने का कितना दुख होता है इसी से अंदाजा लगाइये सत्ता गई लेकिन बंगले से चिपके रहने का मोह अभी भी कायम है।

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