आबादी सर्वे में चूना डलवाते हैं एसडीएम, कलेक्टर, नाराज पटवारी बनाएंगे रणनीति

आबादी सर्वे में चूना डलवाते हैं एसडीएम, कलेक्टर, नाराज पटवारी बनाएंगे रणनीति

मीडियावाला.इन।

भोपाल-256 रुपए का हाउस रेंट और 24 साल पुरानी व्यवस्था पर वेतन पा रहे प्रदेश के पटवारियों में इस बात को लेकर गुस्सा है कि भारत सरकार के आबादी सर्वे का काम कराने के लिए उन्हें मौके पर बुलाकर चूना डलवाने का काम किया जाता है। मजदूरों के बजाय पटवारियों से यह काम एसडीएम और कलेक्टर कराते हैं और नहीं करने पर बंद कमरे में कार्यवाही के लिए धमकाते हैं। अफसरों की इस प्रताड़ना से नाराज पटवारियों ने अब वेतन और अन्य मांगों को लेकर राज्य सरकार के विरुद्ध शुरू किए गए आंदोलन को और तेज करने का फैसला किया है और इसकी रणनीति को लेकर संभहागीय और जिला अध्यक्षों की बैठक भोपाल में हो रही है।
मध्य प्रदेश पटवारी संघ द्वारा पटवारी संवर्ग की वर्षों से लंबित मांगों को पूरा करने के लिए शासन से कई बार अनुरोध किया गया। 18 माह पहले राजस्व मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने उनकी समस्या निराकरण के लिए लिखित में आश्वासन दिया है लेकिन कोई कार्यवाही अब तक नहीं हुई है। इसलिए प्रदेश की समस्त तहसीलों में पटवारी संघ द्वारा ज्ञापन प्रस्तुत कर चरणबद्ध आंदोलन चलाया जा रहा है। इसके लिए एक माह पहले वरिष्ठ अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। संघ का कहना है कि जानकारी के बाद भी कुछ जिलों में कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार द्वारा पटवारियों पर अनुचित रूप से कार्यवाही किए जाने एवं दबाव बनाए की कोशिश की जा रही है। इसलिए अब आंदोलन को तेज किए जाने की रूपरेखा को लेकर मध्य प्रदेश पटवारी संघ द्वारा संघ के समस्त संभागीय अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष की एक विशेष बैठक का आयोजन बुधवार को भोपाल में किया गया है। गौरतलब है कि पटवारी संघ के आह्वान पर आंदोलन के प्रथम चरण में प्रदेशभर के पटवारियों ने सारा एप से लॉग आउट कर भू अभिलेख विभाग के अलावा अन्य कार्यों का बहिष्कार कर दिया है। संघ के प्रांताध्यक्ष उपेंद्र सिंह बाघेल का कहना है कि सरकार अगर मांगों पर गौर नहीं करेगी तो पटवारियों को आंदोलन में तेजी लाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
 

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