महाकालेश्वर मंदिर एक बार फिर 'स्वच्छ आयकॉनिक प्लेस', एमपी से एक मात्र मंदिर को मिला स्वच्छ धार्मिक स्थल का अवार्ड

महाकालेश्वर मंदिर एक बार फिर 'स्वच्छ आयकॉनिक प्लेस', एमपी से एक मात्र मंदिर को मिला स्वच्छ धार्मिक स्थल का अवार्ड

मीडियावाला.इन।

उज्जैन से अजेंद्र त्रिवेदी की रिपोर्ट

उज्जैन,  पूरे भारत देश मे स्वच्छ भारत मिशन का अभियान चलाया जा रहा है ।  स्वच्छ  भारत मिशन के अर्न्तगत महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन को  जल शक्ति मंत्रालय पेयजल एवं स्वच्छता विभाग भारत सरकार नई दिल्ली की ओर से फेस-2 में ''फस्ट रनरअप स्वच्छ आयकॉनिक प्लेस '' घोषित किया गया है। मध्यप्रदेश से श्री महाकालेश्वर मंदिर एक मात्र मंदिर है,  जिसको स्वच्छ धार्मिक स्थलों की श्रेणी में शामिल किया गया है ।  कार्यक्रम का शुभारंभ महामहिम राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद द्वारा किया गया।

इस हेतु श्री महाकालेश्वर मंदिर को 6 सितम्बर 2019 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में जल शक्ति मंत्रालय पेय जल एवं स्वच्छता विभाग भारत सरकार नईदिल्ली की ओर से ''स्वच्छ महोत्सव'' कार्यक्रम के अन्तर्गत श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष व कलेक्टर श्री शशांक मिश्र और  प्रशासक एवं अपर कलेक्टर श्री सुजान सिंह रावत को भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा फस्ट रनरअप स्वच्छ आर्इकोनिक स्थल '' का अवार्ड दिया गया। पूरे देश मे एकमात्र श्री महाकालेश्वर मंदिर को यह अवार्ड लगातार दूसरी बार मिला है। 

श्री महाकालेश्वर मंदिर में 200 से अधिक कर्मचारी तीन शिफ्टों में लगातार साफ-सफाई पर ध्यान रखते है और निष्ठा से अपना कार्य कर रहे है। आवर्ड मिलने से सभी कर्मचारियों में भी उत्साह का माहौल है और मंदिर  से जुड़ा हर व्यक्ति मंदिर को स्वच्छ रखना अपना प्रथम कर्तव्य समझता है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए पिछली बार स्वच्छता के संबंध में मंदिर में आने वाले श्रदालुओं से फीडबैक फॉर्म और मंदिर में बोर्ड लगाकर श्रद्धालुओं से फीडबैक लिए गए थे। उसमे भी  बाहर से आने वाले श्रद्धालु औऱ उज्जैन की जनता द्वारा सफाई व्यवस्था को सराहा गया था और सभी की अच्छी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। 

श्री महाकालेश्वर मंदिर के अध्यक्ष एवं कलेक्टर श्री शशांक मिश्र ने मीडिया से बातचीत में कहा कि, यह सभी की लगातार मेहनत का सुखद परिणाम है। प्रशासक और अपर कलेक्टर श्री सुजान सिंह रावत में कहा कि, इसका श्रेय महाकाल मंदिर से जुड़े सभी लोगों को जाता है ख़ासकर सफ़ाईकर्मियों को जिनकी मेहनत और सेवा भाव से मंदिर स्वच्छ है और आज इस अवार्ड को प्राप्त कर रहा है। इसी सेवा भाव से आम श्रद्धालु और उज्जैन वासी भी मंदिर में अपना सहयोग देंगे  और इसको अपनी आदत में लायेगे ऐसी अपेक्षा है। 

ज्ञात हो कि, श्री महाकालेश्वर मंदिर को पूर्व में भी पेय जल एवं स्वगच्छवता विभाग भारत सरकार, नईदिल्ली की ओर '' स्वच्छ आर्इकोनिक स्थल '' घोषित किया जा चुका है। 

द्वादश ज्यो्तिर्लिंग में से एक भगवान श्री महाकालेश्वर मंदिर देश का ऐसा मंदिर है, जहां पर हर कोने में स्वच्छता एवं सुन्दरता दिखाई पडती है। विगत 2 वर्षो से अधिक समय से श्री महाकालेश्व र मंदिर प्रबंध समिति द्वारा मंदिर की स्वंच्छता पर विशेष ध्यान देते हुए आधुनिक मशीनों से साफ-सफार्इ का कार्य करवाया जा रहा है। इसी लिए स्वच्छता के सभी मानकों में मंदिर की व्यवस्थाएं खरी उतरी है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु यहां की साफ-सफार्इ देखकर न केवल प्रसन्न होते हैं, ब्लकि व्यवस्थाओं की सराहना भी करते है।

पुरस्कार प्राप्त करते समय एन.एच.डी. सी के जी. एम. श्री आर.के. सोलंकी भी थे जिनके द्वारा सी. एस. आर.  मद से मंदिर में विभिन्न कार्य कराए जा रहे है । इनके अतिरिक्त जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री निलेश पारिख भी इस दौरान उपस्थित  थे। 

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