70 करोड़ रुपए की कर चोरी के प्रमाण आए सामने

70 करोड़ रुपए की कर चोरी के प्रमाण आए सामने

मीडियावाला.इन।

इंदौर, जेआरजी रियलिटी ग्रुप और उनसे जुड़े पार्टनरों के ठिकानों पर आयकर विभाग की कार्यवाही बुधवार दूसरे दिन भी जारी रही। शहर में रियल इस्टेट व अन्य प्रकार से जुड़े 6 व्यापारियों के यहां मंगलवार को अल सुबह आयकर विभाग ने आय से अधिक संपत्ति होने के मामले में सर्वे की कार्यवाही शुरु की। यहां से करोड़ों रुपए की अघोषित आय मिलने की संभावना जताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार :

सूत्रों की माने तो ग्रुप पर मारे गए छापों में अब तक करीब 70 करोड़ रुपए से अधिक की आयकर चोरी के प्रमाण सामने आए हैं। इसमें वेयर हाउसिंग रसीदों पर लोन के जरिए भी बड़ी राशि हालि की गई और एनटीएफसी द्वारा भी वित्तीय फायनेंस किया गया, जिसके दस्तावेज कॉर्पोरेशन से आयकर विभाग मांग रहा है। इसमें एक 40 करोड़ की सांवेर में खरीदी जमीन का सौदा भी है, जिसमें 30 प्रतिशत राशि चेक से और 70 प्रतिशत राशि नगद दी गई है। विभाग ने जो छापा मारा है उसका ऑपरेशन कोड इंसान चाहता क्या है रखा गया है। हालांकि कर चोरी को लेकर किसी तरह का आंकड़ा आयकर अधिकारियों ने अभी तक साझा नहीं किया है।

राजनीतिक क्षेत्र में भी है दखल :

सूत्रों के अनुसार राजनीतिक क्षेत्र में दखल रखने वाले नेताओं व रिश्तेदारों के साथ हुए सौदे की जानकारी भी सामने आई है। जेआरजी ग्रुप और उससे जुड़े पार्टनरों के यहां पड़े इन छापों में करोड़ों के बेनामी लेन-देन के साथ 50 से अधिक बैंक खाते, आभूषण, एक दर्जन लॉकर के साथ कई डायरियां व अन्य दस्तावेज, लैपटॉप, पेनड्राइव कब्जे में ली है। जमीनी कारोबार के साथ-साथ अनाज, दलहन के सौदों के जरिए भी काली कमाई को खपाया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही विभाग अधिकृत खुलासा करेगा।

पुलिस फोर्स की सहायता से कार्यवाही को दिया अंजाम :

विभाग ने टैक्स चोरी के मामले मेें बड़ी कार्यवाही करते हुए शहर के बिल्डर के घर, ऑफिस समेत अन्य ठिकानों पर कार्यवाही की है। टेलीफोन नगर स्थित अनिल धाकड़ के निवास और दफ्तर पर कार्यवाही के साथ-साथ मल्हारगंज सहित अन्य ठिकानों पर कार्यवाही की है। छापेमारी के दौरान टैक्स चोरी से संबंधित कई दस्तावेज सामने आए। ग्रुप के कर्ताधर्ता घनश्याम गोयल, रोशन उत्सवचंद पोरवाल और गोपाल अग्रवाल व उससे जुड़े साथी के यहां कार्यवाही की है। ग्रुप का डका'या में एक बड़ा लॉजिस्टिक पार्क भी है। वहीं जवाहर मार्ग के अलावा आरएनटी मार्ग स्थित मिलिंदा टॉवर में कॉर्पोरेट दफ्तर है। बड़े पैमाने पर कर चोरी की आशंका के चलते यह कार्यवाही की जा रही है। लंबे समय बाद आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग ने शहर में यह छापामार कार्यवाही करते हुए लॉजिस्टिक ग्रुप के कर्ताधर्ता के ठिकानों पर पुलिस फोर्स की सहायता से कार्यवाही को अंजाम दिया। हालांकि अभी तक आयकर विभाग ने अधिकृत रुप से छापों को लेकर कोई जानकारी साझा नहीं की है। अब इन्वेस्टिगेशन विंग को ही सर्च रेड के अधिकार है, इसलिए उसी के द्वारा इस कार्यवाही को अंजाम दिया गया है।

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