ऐसे खुलता गया भैय्यू महाराज सुसाइड केस का राज़

ऐसे खुलता गया भैय्यू महाराज सुसाइड केस का राज़

मीडियावाला.इन।प्रारंभिक जांच में पुलिस ने दो चीज़ों पर फोकस किया था- भैय्यू महाराज की हैंडराइटिंग और पिस्टल. लेकिन बाद में जैसे-जैसे बयान आते गए पुलिस को क्लू मिलते गए और जांच आगे बढ़ती गयी

भैय्यूजी महाराज सुसाइड केस का ख़ुलासा करते हुए पुलिस ने सिलसिलेवार सारी जानकारी दी. उसने सुसाइड के दिन से लेकर अब तक के सारे तार जोड़े और फिर आरोपियों तक पहुंची. मामला हाई प्रोफाइल था, इसलिए पुलिस ने फूंक-फूंक कर कदम रखे.

आईजी हरि नारायण चारी मिश्रा ने इंदौर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जो जानकारी दी उसके मुताबिक- 12 जून 2018 को भैय्यूजी ने सुसाइड किया था. पुलिस के सामने तत्कालिक साक्ष्य और लोगों के बयान थे, उस पर जांच शुरू की. बयान में ऐसे तथ्य नहीं आए थे कि किसी की गिरफ़्तारी की जा सके. लेकिन आज से करीब 1 महीने पहले ऐसा घटनाक्रम हुआ कि जांच आगे बढ़ गयी. भैय्यू महाराज के ट्रस्ट से जुड़े हुए कैलाश नाम के व्यक्ति ने डॉ आयुषी और उनके वकील को गुमनाम कॉल किया. 5 करोड़ की फिरौती मांगी. पुलिस ने ट्रेस करके कैलाश को पकड़ लिया. उससे हुई पूछताछ हुई तो एक-के बाद एक ख़ुलासे होते गए.पुलिस के मुताबिक कई नये तथ्य सामने आए और बयान लिए गए. 125 लोगों से पूछताछ की गई. 28 लोगों के बयान लिए गए. उनमें से पलक, शरद और विनायक के विरुद्ध पुख़्ता सबूत मिले. जिसके बाद तीनों के खिलाफ 306 का प्रकरण बनाकर गिरफ़्तार किया गया. तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.पुलिस ने भैय्यू महाराज के नज़दीकी और पत्नी आयुषी के बयान लिए. डिजिटल एविडेंस लिए गए. उसके आधार पर कार्रवाई की गई. व्हाट्स एप पर अश्लील चैट मिले और पैसे मांगने की बात भी सामने आयी. भैय्यू महाराज और डॉ आयुषी की शादी का वीडियो फुटेज मिला हैं. उसमें ये तीनों मौजूद थे और उस वक्त हंगामे की स्थिति बन गई थी. परिवार के लोगों ने तीनों को वहां से हटाया थापलक शादी के लिए दबाव बना रही थी. मौखिक रूप से 16 जून को शादी करने की बात थी. शादी नहीं करने की स्थिति में, कोई कार्रवाई करने की बात हुई थी. उन्हीं बातों को लेकर भैय्यूजी दवाब में थे. डीआईजी ने कहा-एक घटना का और जिक्र करना चाहूंगा, लगभग 10-11 जून को बड़े मामले का खुलासा हुआ था. राजस्थान के एक व्यक्ति को पुलिस ने पकड़ा था, उस ख़बर को लेकर भैय्यू महाराज काफी विचलित थे. वो दाती महाराज से जुड़ी घटना थी.जांच में पुलिस को कुछ इस तरह के कुछ चैटस मिले हैं जो निश्चित तौर पर आपत्तिजनक थे. सारे चैट्स आरोपियों के पास सेव थे. आरोपी इसका इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग के लिए करते थे. पुलिस ने सारा डाटा निकाला है. चैट को छुपाकर सेव कर रखा था. ब्लैकमेलिंग के लिए आरोपी शरद औऱ विनायक पलक को उकसाते थे. भैय्यू महाराज से पैसा वसूली के भी साक्ष्य मिले हैं. जांच में ये भी पता चला कि भैय्यूजी महाराज को वो दवाइयां भी दी गयीं जो उन्हें नहीं दी जाना थीं.

पुलिस के मुताबिक पहले जांच में ये बात सामने नहीं आयी थीं. प्रारंभिक जांच में पुलिस ने दो चीज़ों पर फोकस किया था-हैंडराइटिंग और पिस्टल भैय्यू महाराज की ही है. शुरुआती दौर में ऐसा कोई बयान नहीं आया था. बाद में जैसे-जैसे बयान आते गए पुलिस को क्लू मिलता गया और जांच आगे बढ़ती गयी. डीआईजी ने कहा ट्रस्ट का मामला जांच का हिस्सा नहीं है[न्यूस 18]

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