प्रज्ञा ठाकुर को नोटिस भेजे जाने की खबरों का मध्य प्रदेश बीजेपी ने किया खंडन

प्रज्ञा ठाकुर को नोटिस भेजे जाने की खबरों का मध्य प्रदेश बीजेपी ने किया खंडन

मीडियावाला.इन।

नई दिल्ली। भोपाल से बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के निधन पर विवादित बयान दिया था। उनके 'मारक शक्ति' वाले बयान पर कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। प्रज्ञा ठाकुर के इस बयान के बाद बीजेपी की जमकर किरकिरी हो रही थी। वहीं, खबर आ रही थी कि विवादास्पद बयान देकर पार्टी को मुश्किल में डाल चुकीं भोपाल की इस सांसद को अब बीजेपी के भीतर लगभग अलग-थलग कर दिया गया है। हालांकि, मध्य प्रदेश के बीजेपी प्रभारी ने नोटिस दिए जाने की खबरों का खंडन किया है।

प्रज्ञा ठाकुर 
नोटिस वाली खबरों का बीजेपी ने किया खंडन

दो नेताओं ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया था कि हाल ही में 'मारक शक्ति' वाले उनके बयान के बाद भाजपा ने प्रज्ञा ठाकुर को सार्वजनिक बयानबाजी करने से मना किया है। इन दोनों ने कहा था कि मध्य प्रदेश के बीजेपी अध्यक्ष राकेश सिंह ने प्रज्ञा ठाकुर को चेतावनी दी है और कहा है कि भविष्य में इस तरह की किसी भी बयानबाजी पर उनके खिलाफ 'गंभीर' कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, अब एमपी के मीडिया प्रभारी लोकेश पराशर ने इन खबरों का खंडन किया है।

 

साध्वी प्रज्ञा 
साध्वी प्रज्ञा के बयान से पार्टी की हुई थी फजीहत

कुछ दिनों पहले ही साध्वी प्रज्ञा ने बीजेपी नेताओं ने निधन पर विवादित बयान दिया था। पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबुलाल गौर की श्रद्धांजलि सभा में प्रज्ञा ठाकुर ने विपक्ष द्वारा भाजपा के नेताओं पर मारक शक्ति के प्रयोग की आशंका जताई थी। उन्‍होंने कहा था, 'मैं जब चुनाव लड़ रही थी तब एक महाराज जी आए थे उन्होंने कहा था ये बहुत बुरा समय चल रहा है। विपक्ष एक मारक शक्ति का प्रयोग आपकी पार्टी और उसके नेताओ के लिए कर रहा है। ऐसे में आप सावधान रहें।'

 

कांग्रेस 
कांग्रेस सहित कई दलों ने की थी तीखी आलोचना

उनके इस बयान पर सियासत गरमा गई थी। कांग्रेस के सीनियर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बीजेपी सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर के 'मारक शक्ति' वाले बयान की तीखी आलोचना की थी। सिंधिया ने कहा था कि बीजेपी को ऐसे लोगों को चुनाव लड़ने का मौका देने पर आत्मनिरीक्षण करना चाहिए, क्योंकि भारतीय राजनीति के मानकों को कायम रखना महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण काम है। सिंधिया ने कहा था कि वे निराश हैं कि एक जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति ने ऐसी टिप्पणी की है।

 

source: oneindia.com

RB

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