Saturday, December 14, 2019
दिग्विजय के लिए अनुष्ठान करने वाले बाबा प्रकट, मीडिया से चर्चा में कहा ,20 जून तक समाधि की अनुमति नहीं मिली तो अन्न जल त्याग देंगे

दिग्विजय के लिए अनुष्ठान करने वाले बाबा प्रकट, मीडिया से चर्चा में कहा ,20 जून तक समाधि की अनुमति नहीं मिली तो अन्न जल त्याग देंगे

मीडियावाला.इन।

भोपाल- लोकसभा चुनाव के दौरान भोपाल से कांग्रेस प्रत्याशी एवं वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की विजय के लिए अनुष्ठान करने वाले बाबा वैराग्यानंद आज नाटकीय अंदाज में सामने आए और कहा कि वे अपने वचन के अनुरूप 'समाधि' लेने के लिए अडिग हैं।

बाबा वैराग्यानंद ने यहां मीडिया से कहा कि उन्होंने प्रशासन से समाधि लेने के लिए अनुमति मांगी थी। वे आज दिन में लगभग दो बजे समाधि लेना भी चाहते थे, लेकिन उन्हें समाधि नहीं लेने दी गयी। उन्होंने कहा कि वे समाधि लेने के लिए अडिग हैं। इस संबंध में प्रशासन से अनुमति का 20 जून तक और इंतजार करेंगे, अन्यथा वे क्रमश: अन्न और जल त्यागकर समाधि लेंगे।

बाबा वैराग्यानंद ने लोकसभा चुनाव के दौरान श्री सिंह की जीत के लिए अनुष्ठान किया था और घोषणा की थी कि यदि श्री सिंह चुनाव में विजयी नहीं हुए तो वे समाधि ले लेंगे। लोकसभा चुनाव में श्री सिंह भोपाल से भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा सिंह ठाकुर से पराजित हो गए। इसी बीच बाबा का समाधि लेने की घोषणा संबंधी वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ। उसके बाद से उनकी खोजबीन भी जारी थी।

बाबा वैराग्यानंद ने मीडिया से कहा कि उन्होंने श्री दिग्विजय सिंह जैसे हिंदू व्यक्ति की विजय की भविष्यवाणी की थी। लेकिन नियती उनके हाथों में नहीं है। इसलिए वे अपने वचन के अनुरूप समाधि लेना चाहते हैं। मीडिया के सवालों की बौछारों के बीच बाबा ने कहा कि उन्होंने कोई पाप या दुष्कर्म नहीं किया है। अलबत्ता उनकी भविष्यवाणी गलत निकली है। ऐसा करने से संतों की छवि को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।

बाबा ने कहा कि वे न तो राजनैतिज्ञ व्यक्ति थे और न ही रहेंगे, लेकिन धर्म और भगवान श्रीराम के लिए कार्य करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि वे समाधि लेने के निर्णय पर कायम हैं और आज उन्हें समाधि लेने से रोक दिया गया। उन्हें बंधक बना लिया गया है। उनका कहना है कि उनके पास धमकी भरे फोन भी आ रहे हैं।

एक अन्य सवाल के जवाब में बाबा ने कहा कि वे लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद गायब नहीं हुए थे। वे कामाख्या पीठ में पूजन आदि कार्यों में व्यस्त थे।

इसके पहले बाबा की कथित समाधि को लेकर दिन भर हलचल चलती रही। इस मामले को लेकर पुलिस और प्रशासन दोनों सतर्क नजर आए। बाबा की एक एक हरकत पर पुलिस की निगाह थी। एक तरह से वे पुलिस से घिरे हुए थे।

इस बीच एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यूनीवार्ता से कहा कि पुलिस प्रशासन की इस पूरे मामले पर नजर है। यदि कोई भी व्यक्ति गैरकानूनी कार्य करेगा, तो उसे रोकने के प्रयास होंगे और जरुरत पड़ी तो वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

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