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पुलिस ने इस प्रकरण में संज्ञान लेकर कृत्य करने वाले आरोपियों की पहचान कर पुरातत्व विभाग के नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करेगी। सीसीटीवी फुटेज व वीडियो की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने मूर्ति को गुप्त स्थान पर भेज दिया है। शहर में शांति है और पुलिस प्रशासन पैनी निगाहें बनाए है। प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। जगह-जगह पुलिस जवान बड़ी संख्या में तैनात किए हैं।
भोजशाला आंदोलन समिति उत्साहित
इस घटना से भोजशाला आंदोलन समिति उत्साहित है और इसे भोजशाला आंदोलन का एक हिस्सा मानती है। समिति ने प्रतिमा रखने वालों को धन्यवाद भी दिया। गोपाल शर्मा ने कहा कि मैं उसे साधुवाद और धन्यवाद देता हूं कि उसने हिम्मत तो की, हम तो 30 साल से केवल घंटा घडियाल ही बजा रहे हैं। अपने लोगों से ही हम सत्याग्रह कर रहे है कि भैया प्रतिमा ला दो। ये संगठन का काम नहीं है। लेकिन, जिसने भी किया वो साधुवाद का पात्र है, धन्यवाद का पात्र है कि हिम्मत करके प्रतिमा को गर्भगृह में स्थापित किया। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि हमारे सत्याग्रह का भी उद्देश्य है कि भोजशाला की मुक्ति और प्रतिमा की स्थापना है। उसने अपने तरीके से की है हमारा तरीका अलग है। इसलिए हम साधुवाद करते है जिसने प्रतिमा स्थापित की है।
