खरगोन में पराली जलाने पर प्रशासन का सख्त एक्शन, कई किसानों पर कार्रवाई

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खरगोन में पराली जलाने पर प्रशासन का सख्त एक्शन, कई किसानों पर कार्रवाई

खरगोन: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में पराली जलाने की घटनाओं को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी भव्या मित्तल के निर्देश पर भीकनगांव क्षेत्र में तत्काल कार्रवाई करते हुए कई किसानों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
दरअसल, कलेक्टर मित्तल के क्षेत्र भ्रमण के दौरान खेतों में पराली जलाने की घटनाएं सामने आईं, जिन्हें गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जांच में घटनाओं की पुष्टि होने के बाद संबंधित किसानों पर प्रतिबंधात्मक आदेश के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई।
प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि फसल कटाई के बाद खेतों में अवशेष यानी पराली जलाना Air (Prevention & Control of Pollution) Act, 1981 के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित है। यह न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि जनस्वास्थ्य और पशु-पक्षियों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है।
जारी आदेश के अनुसार दंडात्मक प्रावधान भी तय किए गए हैं। दो एकड़ तक भूमि वाले किसानों पर 2500 रुपये, दो से पांच एकड़ तक भूमि वालों पर 5000 रुपये और पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों पर 15000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
ग्राम बोरुठ में पराली जलाने की पुष्टि होने पर प्रशासन ने श्रवण, सोमा, रितेश, चेतराम, सुशीला और सुमनबाई सहित कई किसानों के खिलाफ कार्रवाई की है। इन सभी के खेतों में पराली जलाने के प्रमाण मिलने के बाद राजस्व एवं प्रशासनिक टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए प्रकरण दर्ज किए।
कलेक्टर भव्या मित्तल ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त वैधानिक और प्रतिबंधात्मक कदम भी उठाए जाएंगे।
इसके साथ ही पंचायत स्तर पर निगरानी बढ़ाने, कृषि विभाग के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने और पराली प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे पराली जलाने के बजाय वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल तरीकों को अपनाएं। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।