Omkareshwar में नाव संचालन पर सख्ती: सुरक्षा से कोई समझौता नही

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Omkareshwar में नाव संचालन पर सख्ती: सुरक्षा से कोई समझौता नहीं

Omkareshwar नर्मदा तट स्थित धार्मिक नगरी Omkareshwar में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ और पूर्व में सामने आई लापरवाही की घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने नाव संचालन को लेकर कड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी Rishav Gupta ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर स्पष्ट संदेश दिया है कि अब नियमों के बिना कोई नाव नहीं चलेगी।

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● धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश

जारी आदेश के अनुसार ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी में केवल वही नावें संचालित होंगी जिनका विधिवत पंजीयन एवं नवीनीकरण वैध है। जिन नावों का जीवित पंजीयन नहीं है, उनका संचालन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। यह आदेश नगर पंचायत ओंकारेश्वर के सम्पूर्ण क्षेत्र में प्रभावशील रहेगा।

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● सुरक्षा उपकरण अनिवार्य

प्रत्येक नाव में लाईफ जैकेट, लाईफ रिंग सहित आवश्यक जीवन रक्षक सामग्री अनिवार्य रूप से रखना होगा। यदि किसी नाव में सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं पाए जाते हैं तो उसमें यात्रियों का परिवहन नहीं करने दिया जाएगा। प्रशासन द्वारा घाटों पर निरीक्षण की भी व्यवस्था की जा रही है।

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● केवल अधिकृत नाविक को अनुमति

नर्मदा नदी में नाव संचालन के लिए केवल अधिकृत नाविक को ही अनुमति दी जाएगी। अल्पवयस्क या अनुभवहीन व्यक्तियों को नाव चलाने की अनुमति नहीं होगी। इससे अनियंत्रित संचालन और दुर्घटना की आशंका कम करने का प्रयास किया गया है।

● सूर्यास्त के बाद पूर्ण प्रतिबंध

जारी आदेश के अनुसार सूर्यास्त के पश्चात नावों द्वारा यात्रियों का परिवहन नहीं किया जा सकेगा। साथ ही सभी नावें केवल निर्धारित घाटों के बीच ही संचालित होंगी। अनियमित रूट या ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

● उल्लंघन पर दण्डात्मक कार्रवाई

यदि कोई भी व्यक्ति इन प्रतिबंधों का उल्लंघन करता है तो वह भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के अंतर्गत दण्ड का भागीदार होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी को गंभीर अपराध माना जाएगा।

 

● पूर्व की घटनाओं से सबक

बीते वर्षों में विभिन्न धार्मिक स्थलों पर नाव पलटने, ओवरलोडिंग और सुरक्षा उपकरणों की कमी जैसी घटनाओं ने कई जानें ली हैं। ओंकारेश्वर जैसे प्रमुख तीर्थ स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में छोटी सी चूक भी बड़ा हादसा बन सकती है। इसी पृष्ठभूमि में यह निर्णय लिया गया है।

● आस्था के साथ सुरक्षा भी जरूरी

नर्मदा में नाव विहार यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण है, लेकिन अब स्पष्ट है कि सुरक्षा मानकों के साथ ही संचालन संभव होगा। प्रशासन का कहना है कि यह कदम आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।