
विद्यार्थियों ने चित्रकला में उकेरे जल संकट के समाधान-पर्यावरण रैली बनी जन-आंदोलन
सार्थक संस्था द्वारा पर्यावरण सुधार और जल संरक्षण केंद्रित कार्यक्रम आयोजित
मंदसौर से डॉ घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट
मन्दसौर। प्रकृति को संवारने और भावी पीढ़ी को जल संकट से बचाने के संकल्प के साथ ‘सार्थक सोशल वेलफेयर सोसाइटी’ द्वारा ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम दशपुर कुंज परिक्षेत्र में आयोजित किया गया। इस आयोजन ने उस समय एक जन-आंदोलन का रूप ले लिया जब शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न सामाजिक संगठनों, प्रशासन और विद्यालयों ने एक सुर में जल संरक्षण और पर्यावरण सुधार का आह्वान किया।
इस जन-जागरूकता रैली का शुभारंभ मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), जिला पंचायत, श्री अनुकूल जैन द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया।

इस अवसर पर सीईओ श्री जैन ने सार्थक संस्था के रचनात्मक प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि: “सार्थक द्वारा जमीनी स्तर पर किया जा रहा कार्य अत्यंत प्रेरणादायी है। प्रशासन भविष्य में सार्थक संस्था के साथ मिलकर इस प्रकार के और भी गतिविधियों का आयोजन करेगा ताकि पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन के संदेश को घर-घर तक पहुँचाया जा सके।”
श्री जैन ने कहा कि जल संरक्षण ही भविष्य का संरक्षण है और यह सामूहिक जिम्मेदारी है।

प्रमुख संगठनों का मिला साथ
इस जन जागरण रैली और पर्यावरण केंद्रित ड्राइंग कॉम्पिटिशन के आयोजन में नगर के अनेक प्रतिष्ठित संगठनों ने सहभागिता कर सामाजिक एकता का परिचय दिया। विशेष रूप से जनपरिषद मंदसौर चैप्टर, अखिल भारतीय हिंदी साहित्य परिषद् एवं दशपुर जागृति संगठन, मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग मित्र, वाल्मीकि समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इन संस्थाओं के पदाधिकारियों की उपस्थिति ने अभियान को और अधिक मजबूती प्रदान की।
गांधी चौराहे पर पर्यावरण संरक्षण मानव श्रृंखला बनाई
इस आयोजन में शहर के 15 प्रमुख विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने अपनी कला और कल्पना के माध्यम से जल संरक्षण के संदेश को कैनवास पर उकेरा। छात्र-छात्राओं द्वारा चित्रांकन के माध्यम से बनाई इन कलाकृतियों में जल की एक-एक बूंद को बचाने की तड़प और ‘रूफ वाटर हार्वेस्टिंग’ जैसे समाधानों का अद्भुत संगम देखने को मिला। बच्चों की इस रचनात्मकता ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।

नारों से गूंजा शहर का हृदय स्थल गांधी चौराहा
चित्रांकन कॉम्पिटिशन के पश्चात एक विशाल जन-जागरूकता रैली निकाली गई। हाथों में जल बचाने की तख्तियां लिए सैकड़ों छात्र-छात्राएं, सार्थक संस्था के सदस्य और शहर के जागरूक नागरिक जब नारों के साथ शहर के हृदय स्थल गांधी चौराहे पर पहुंचे, तो वहाँ का प्रभावी दृश्य बन गया। यहाँ एक सबने मिलकरएकलंबी ‘मानव श्रृंखला’ बनाई जिसका एकमात्र उद्देश्य लोगों को जल की बूंद-बूंद बचाने के लिए जागरूक करना था। इस दौरान शहरवासियों से रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने और अधिक से अधिक पेड़ लगाने का आह्वान किया गया।
जन जागरण रैली में अपील करती विद्यार्थियों एवं गणमान्य जनों के हाथों की तख्तियां प्रभावी संदेश दे रही जिन पर अंकित रहा – हम सबका एक ही नारा – प्लास्टिक मुक्त हो शहर हमारा , मुझे प्यासा भविष्य नहीं चाहिए, सार्थक ने ठाना है – पानी हमें बचाना है, स्वस्थ रहेगा हमारा परिवार – करेंगे जब प्लास्टिक का बहिष्कार आदि ऐसी सैंकड़ों तख्तियां मानव श्रृंखला के माध्यम से बड़ा संदेश देती नज़र आई।
मिट्टी के सकोरे: जीव दया का पारंपरिक संदेश
रैली के समापन पर सहभागी बच्चों को मिट्टी के सकोरे वितरित किए गए। प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण और जीव दया का संदेश देते हुए संस्था की अध्यक्ष डॉ. उर्मिला तोमर ने कहा:”मिट्टी का एक छोटा सा सकोरा सैकड़ों बेजुबान पक्षियों की प्यास बुझा सकता है। प्रकृति के प्रति हमारी यह संवेदनशीलता ही सुरक्षित भविष्य की नींव है।”
बढ़ता कारवां सार्थक का
संस्था के समर्पण और रचनात्मक कार्यों को देख आयोजन के दौरान ही विभिन्न क्षेत्रों के पाँच प्रबुद्धजनों ने ‘सार्थक’ की सदस्यता ग्रहण की।
सार्थक फाउंडर डॉ. उर्मिला तोमर ने जिला प्रशासन, नगर पालिका, सहभागी संगठनों, स्कूलों, विद्यार्थियों और नगरवासियों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर सामाजिक सांस्कृतिक संस्थाओं संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में सहभागी बने, राजाराम तंवर, अजीजुल्लाखान खालिद, जंबू कुमार नलवाया, सुदीप दास, रचना दोषी, भारती पाटीदार, स्वाति रिछवरा, डॉ घनश्याम बटवाल, ब्रजेश जोशी, नरेंद्र त्रिवेदी, नंदकिशोर राठौर, पुष्पा कुमावत, नरेंद्र भावसार, संजय नीमा, मनीष मनी, शामगढ़, विकास भंडारी, दिलीप कुमार जोशी, डॉ सौरभ तोमर, अंकित सेन, पुरषोत्तम भट्ट, प्रवीण भंडारी, महावीर सिंह रघुवंशी, वीरेंद्र सिंह पुरावत सहित अन्य वरिष्ठ गणमान्य जनों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम संचालन शिक्षाविद श्रीमती आरती जैन ने किया । चित्रकला में चयनित श्रेष्ठ प्रदर्शन पर पुरस्कार की घोषणा हुई।





