
ऋषिकेश में सी-प्लेन का सफल ट्रायल, गंगा बैराज में उतरा सी प्लेन! देखिये वीडियो
उत्तराखंड के ऋषिकेश में सी प्लेन की लैंडिंग की गई। 19 सीटर सी प्लेन को पशुलोक बैराज जलाशय में उतारा गया। इसके लिए करीब 500 मीटर गहरे पानी की जरूरत होती है। इसके ट्रायल से निकट भविष्य में पर्यटकों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
ऋषिकेश में गंगा बैराज पर आज उस समय ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब एक प्राइवेट कंपनी ने सी प्लेन की सफल ट्रायल लैंडिंग की. आधुनिक परिवहन और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से पशुलोक बैराज पर सी प्लेन का बहुप्रतीक्षित ट्रायल सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है. यह कदम राज्य में हवाई कनेक्टिविटी और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.दरअसल, सोमवार यानी 6 अप्रैल को शाम करीब 6 बजे विशेषज्ञों की देखरेख में स्काई हॉप के सी प्लेन ने गंगा के पानी पर सुरक्षित लैंडिंग की और फिर सफलतापूर्वक उड़ान भी भरी. इस ट्रायल के होने से ऋषिकेश के पर्यटन क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी. राफ्टिंग, बंजी जंपिंग और एडवेंचर स्पोर्ट्स के बाद अब सी प्लेन पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण होगा. टिहरी डैम के बाद अब ऋषिकेश में इस सेवा के सफल परीक्षण से भविष्य में प्रदेश के अन्य जलाशयों और नदियों को जोड़ने का रास्ता साफ हो गया है.
सी प्लेन के बारे में जानिए: सी प्लेन एक विशेष विमान है, जो पानी की सतह नदियों, झीलों या समुद्र से उड़ान भर सकता है और वहीं लैंड भी कर सकता है. आमतौर पर यह 12 से 19 सीटों वाला छोटा विमान होता है. इसे टेक-ऑफ करने के लिए मात्र 300-500 मीटर के जलाशय की आवश्यकता होती है. ये विमान जमीन और पानी दोनों जगह उतरने में सक्षम होते हैं.

सी प्लने सेवा से होंगे कई फायदे: यह पहल न केवल हाई एंड टूरिज्म को बढ़ावा देगी, बल्कि आपातकालीन स्थिति में राहत और बचाव कार्यों के लिए भी मील का पत्थर साबित होगी. सी प्लेन (Seaplane) की सेवा यदि शुरू होती है तो देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए यात्रा ज्यादा तेज, सुविधाजनक और आकर्षक बनेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.






