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पुलिस को जो सुसाइड नोट मिला, उसमें पुलिस एसआई महेश चौहान और एसटीएफ के सिपाही प्रशांत परिहार के नाम लिखे हैं। जिस बिल्डिंग में राजीव का शोरूम था, उसके मालिक अशोक गोयल और दुकान के कर्मचारी विकास जड़िया और उसकी मां नर्मदा बाई समेत कई अन्य लोगों के नाम लिखे हैं। राजीव ने सुसाइड नोट में लिखा कि वह गुरुवार दोपहर 15 हजार रुपए लेकर घर से निकला था। उसे भी एसटीएफ के सिपाही प्रशांत परिहार के साथी ने रास्ते में छीन लिए। इसके बाद वह होटल में आया और फांसी लगा ली। पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
राजीव शर्मा ने सुसाइड नोट में खुलासा किया कि इन लोगों की धमकी के कारण मैं 1 लाख 90 हजार दे चुका हूंं। आज भी 15 हजार रुपए जो मुझे होटल में देना थे, वह भी ले लिए। … और कितना परेशान होउं। मैं अब सुसाइड कर रहा हूं। प्रशांत इतना गिर चुका है कि उसे आदमी की औलाद नहीं कह सकते। प्रशासन से निवेदन है कि उन्हें उचित सजा मिले। मेरा सारा सामान घर वालों को दिया जाए। इन लोगों से मेरी पत्नी और बच्चों को सुरक्षा दी जाए। मेरे परिवार को परेशान नहीं किया जाए।