आठ बड़े मुद्दों संग सदन में कोहराम मचाएगी टीम उमंग…

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आठ बड़े मुद्दों संग सदन में कोहराम मचाएगी टीम उमंग…

कौशल किशोर चतुर्वेदी

मध्य प्रदेश विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस ने मोहन सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन ही कांग्रेस के विरोधी तेवरों को देखते हुए सदन को स्थगित कर दिया गया। राज्यपाल के अभिभाषण में इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से लोगों की हुई मौत का उल्लेख न होने पर कांग्रेस के विधायकों ने जोरदार हंगामा किया। और इससे यह संकेत मिल गए हैं कि विपक्ष ने बजट सत्र में सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर रखी है। नेता प्रतिपक्ष उमंगित हैं और कांग्रेस विधायकों का मनोबल बढ़ा हुआ है। सरकार जहां बजट सत्र को लेकर अपनी तैयारी कर चुकी है तो विपक्ष ने भी सरकार को हर दिन आईना दिखाने की कसम खा ली है। तैयारी भी ऐसी कि सरकार चाहे तो आईना तोड़ने फर उतारू हो जाए। पर सरकार भी समझदार है और बहुत ही ज्यादा हुआ तो हां की जीत हुई, हां की जीत हुई… के सहारे बजट सत्र को पार कर लिया जाएगा। उमंग के 8 सूत्रों ने कांग्रेस विधायकों को कमर कसकर सरकार से मोर्चा लेने को तैयार कर दिया है। सूत्रों में भले ही कुछ नया नहीं हो, लेकिन यह सत्र में हंगामा बरपाने के लिए तो काफी हैं ही।

मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में उनके निवास पर मध्यप्रदेश कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश विधानसभा के जारी बजट सत्र के दौरान उठाए जाने वाले जनहित के प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। नेता प्रतिपक्ष ने स्पष्ट किया कि यह बजट सत्र केवल आंकड़ों का खेल नहीं बनने दिया जाएगा, बल्कि प्रदेश की जनता, किसानों, युवाओं, महिलाओं, आदिवासियों, दलितों एवं पिछड़े वर्गों की आवाज़ को मजबूती से सदन में उठाया जाएगा। इंदौर-भागीरथपुरा जल त्रासदी, एमएसपी संकट एवं किसानों की दुर्दशा, प्रदेश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति, तीन कद्दावर मंत्रियों के इस्तीफे की मांग, रुकी हुई सरकारी भर्तियाँ, बढ़ता भ्रष्टाचार और महिला अपराध, आदिवासी, दलित एवं OBC अधिकारों पर सवाल और मनरेगा जैसे मुद्दे

लेकर कांग्रेस सदन के मैदान में सरकार से दो-दो हाथ करने को तैयार है।

बजट सत्र के अपने अभिभाषण में राज्यपाल डॉ मंगूभाई पटेल ने सरकार की उपलब्धियों का ब्यौरा सामने रख ही दिया है। पूरे छह छंदों के वन्देमातरम के साथ ही राष्ट्रगान के गान का साक्षी सदन पहली बार बना। अब, उमंग द्वारा प्रदेश की वास्तविक आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करने और गंभीर प्रशासनिक विफलताओं और जवाबदेही के प्रश्न पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, राजेन्द्र शुक्ल तथा विजय शाह से इस्तीफे की मांग जैसे मुद्दों पर गहमागहमी का साक्षी भी सदन बनेगा।

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल से मौतों का मामला स्थगन के जरिए विपक्ष को आक्रोशित होने का मौका देता है या फिर बिना स्थगन ही विपक्ष सरकार का ब्लड प्रेशर बढ़ाता है… यह सब सप्ताह के बाकी दिनों में सामने आने वाला है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का मानना है कि कांग्रेस विधायक दल जनता के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। यह बजट सत्र सरकार की जवाबदेही तय करेगा। हम हर मुद्दे पर तथ्य और प्रमाण के साथ सरकार से जवाब मांगेंगे और सच्चाई को प्रदेश की जनता के सामने लाएंगे। तो शायद मोहन सरकार ने भी विपक्ष के हर हमले को नेस्तनाबूद करने की पूरी तैयारी कर ली है। यह तय है कि आठ बड़े मुद्दों संग सदन में टीम उमंग

कोहराम मचाएगी… तो टीम मोहन के मन में क्या है यह भी सामने आएगा और हो सकता है कि विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर को भी सख्ती से पेश आना पड़े।

 

 

लेखक के बारे में –

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।

वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।