फरीदाबाद जेल में आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या: राम मंदिर उड़ाने की साजिश के आरोप में था बंद

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फरीदाबाद जेल में आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या: राम मंदिर उड़ाने की साजिश के आरोप में था बंद

Faridabad: हरियाणा की फरीदाबाद जिला जेल में रविवार रात सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देती एक गंभीर घटना सामने आई, जहां अयोध्या में राम मंदिर को उड़ाने की साजिश के आरोपी आतंकी अब्दुल रहमान की जेल के भीतर ही हत्या कर दी गई। घटना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है।

● एक ही बैरक में थे हमलावर और अब्दुल रहमान
जेल सूत्रों के अनुसार अब्दुल रहमान और हमलावर कैदी अरुण चौधरी को एक ही हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया था। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। इसी दौरान अरुण चौधरी ने नुकीली वस्तु से अब्दुल रहमान पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

● गंभीर रूप से घायल होने के बाद मौत
हमले में अब्दुल रहमान गंभीर रूप से घायल हो गया। जेल प्रशासन ने तत्काल उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है ताकि मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सके।

● जेल सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाई सिक्योरिटी बैरक में नुकीली वस्तु का पहुंचना, दोनों कैदियों का एक साथ रहना और समय रहते विवाद को न रोका जा पाना जांच के अहम बिंदु बनाए गए हैं। जेल प्रशासन से पूरी ड्यूटी चार्ट, सीसीटीवी फुटेज और तैनात कर्मियों की जानकारी मांगी गई है।

● कौन था अब्दुल रहमान
अब्दुल रहमान उत्तर प्रदेश के अयोध्या क्षेत्र का रहने वाला था। उसे राम मंदिर को उड़ाने की साजिश के मामले में गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियों के अनुसार वह आतंकी नेटवर्क से संपर्क में था और उसके पास से विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई थी। सुरक्षा कारणों से उसे फरीदाबाद जिला जेल के हाई सिक्योरिटी वार्ड में रखा गया था।

● हमलावर कैदी का आपराधिक इतिहास
अब्दुल रहमान पर हमला करने वाला अरुण चौधरी भी गंभीर आपराधिक मामलों में जेल में बंद था। उस पर पूर्व में हिंसक अपराधों के आरोप रहे हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि हत्या पूर्व नियोजित थी या अचानक हुए विवाद का नतीजा।

● मामले की व्यापक जांच शुरू
फरीदाबाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। जेल अधिकारियों, ड्यूटी स्टाफ और कैदियों के बयान लिए जा रहे हैं। यह भी जांच की जा रही है कि क्या घटना के पीछे किसी तरह की साजिश, लापरवाही या अंदरूनी मिलीभगत थी।

● प्रशासन सतर्क, रिपोर्ट तलब
घटना के बाद जेल महानिदेशक स्तर तक रिपोर्ट तलब की गई है। सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की बात कही गई है।