केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका की ट्रेड डील से किसानों व व्यापारियों की टूटी कमर, मंडियों में बिकने लगी गिरावट के साथ सोयाबीन व रायड़ा

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केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका की ट्रेड डील से किसानों व व्यापारियों की टूटी कमर, मंडियों में बिकने लगी गिरावट के साथ सोयाबीन व रायड़ा

किसानों को भारी नुकसानी की आशंका

मंदसौर से डॉ घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट
मंदसौर : जिले भर की कृषि उपज मंडियों में अमेरिका से हुई ट्रेडडिल के प्रभाव से दो दिन में किसानों की उपज सोयाबीन रायड़ा उपज के भावों में 800 से 1100 रुपए क्विंटल की गिरावट आई है और आशंका है कि आने वाले दिनों में भावों में ओर कमी हो सकती है मंदसौर मल्हारगढ़ पिपलियामंडी में यह भावों की गिरावट दर्ज़ हुई है

उल्लेखनीय है कि मालवा मेवाड़ निमाड़ सहित अन्य अंचल में कोई 50 लाख से अधिक किसानों की आजीविका सोयाबीन रायड़ा फसलों से जुड़ी है ऐसे में केंद्र सरकार और कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान के दावों के विपरीत किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है

किसान नेता एवं ब्लॉक कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा एवं अन्य ने बताया कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के चलते आज किसान एवं व्यापारी दोनों ही परेशान होकर आर्थिक संकट से जूझ रहे है।

बुधवार को मल्हारगढ़ ब्लॉक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा,नगर कांग्रेस अध्यक्ष रामप्रसाद फरक्या,मंडलम अध्यक्ष दिनेश गुप्ता आदि कृषिउपज मंडी पहुंचे व किसानों से चर्चा की यहां किसान केशुराम धनगर रीछा,नाथूलाल पाटीदार काचरिया,बापूलाल पाटीदार, रूपी,शिवलाल गोस्वामी आदि ने बताया कि जब से केंद्र सरकार की नई नीतियों से सबसे ज्यादा शोषण किसानों का एवं व्यापारियों का नुकसान होरहा है किसानों को उनकी किसी भी उपज के वाजिब भाव नही मिल रहे है।

देश मे सोयाबीन का उत्पादन बड़े रकबे में होता है बावजूद इसके अमरीका से तेल आयात कर यहां के किसानों की कमर तोड़ी जारही है।ट्रेड ड्रिल के बाद दो दिन में सोयाबीन के भाव 800 से 1100 रुपये तक भाव कम हुवे है।

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किसान नेता एवं ब्लॉक कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प की कठपुतली बनी हुई है और ट्रम्प इसका फायदा उठाते हुवे भारत पर दबाव बनाकर मनमाने निर्णय लेने को सरकार को मजबूर कर रहा है।शर्मा ने कहा कि क्षेत्र में ओलावृष्टि व बेमौसम बारिश से पहले ही अफीम,गेंहू,चना,चिया सहित सभी फसले बर्बाद होगई ओर किसानों को अभी तक किसी प्रकार कोई मुआवजा भी नही मिला और ट्रेडडील से किसानों की माली हालत और खराब होगई है।
अनिल शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार आयात निर्यात नीति ऐसी बनाये की जो किसान हितेषी होकर किसानों को फायदा पहुंचाने में मदद करे।

गत दिनों कृषि उपज मंडियों में सोयाबीन 5300 से 5700 रुपए क्विंटल विक्रय हो रही जो अब घटकर 4100 से 4700 रुपए तक हो गई है एवरेज भाव 3700 तक बताया गया है जबकि राज्य सरकार ने सोयाबीन फसलों की नुकसानी सर्वे कर भावांतर राशि भुगतान किया है अब केंद्रीय निति से भाव घटने से बड़ा नुकसान हो रहा है
इस मौके पर अनिल शर्मा के साथ ,किशोर उणियारा भेरू गुर्जर अनिल मुलासिया एवं अन्य किसान आदि भी मौजूद थे।

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इधर सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसियेशन ने भी केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को सोयाबीन उत्पाद के अनियंत्रित आयात पर रोक की मांग उठाई ओर कहा है कि इस कारण किसान आय में कमी, कीमतों में अस्थिरता के साथ तिलहन व्यापार में दीर्घ कालिक हानि हो सकती है ।

जानकारों का मानना है कि केंद्र सरकार को स्थिति स्पष्ट करना चाहिए और भारत – अमेरिका ट्रेड डील का प्रभाव किसानों ग्रामीणों व्यापारियों पर नुकसान दायक नहीं हो इसका ध्यान रखना चाहिए ।