संकुल में सोमवार को होगा पाणिनि संस्कृत विश्वविद्यालय का पंचम दीक्षांत समारोह!

समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल मंगू भाई पटेल तथा मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव रहेंगे!

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संकुल में सोमवार को होगा पाणिनि संस्कृत विश्वविद्यालय का पंचम दीक्षांत समारोह!

डॉ. दिनेश चौबे की रिपोर्ट!

Ujjain : राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद द्वारा “ए” ग्रेड में प्रत्यायित उज्जैन स्थित प्रदेश का एकमात्र महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय का पंचम दीक्षांत समारोह 31 मार्च 2025, सोमवार को प्रातः 10:30 बजे कालिदास संकुल अकादमी परिसर, में आयोजित होगा। समारोह में प्रदेश के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मंगूभाई पटेल अध्यक्षता करेंगे। मुख्य अतिथि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार, बालयोगी संत उमेश नाथ महाराज राज्यसभा सांसद एवं श्रीक्षेत्र बाल्मीकि पीठाधीश्वर उज्जैन, अनिल फिरोजिया सांसद उज्जैन तथा अनिल जैन कालूहेड़ा, उत्तर क्षेत्र विधायक उज्जैन उपस्थित रहेंगे!

 

सारस्वत अतिथि आचार्य बालकृष्ण जी कुलपति, महर्षि पतंजलि विश्वविद्यालय, हरिद्वार तथा डॉ. संध्या पुरेचा अध्यक्ष संगीत नाटक अकादमी दिल्ली उपस्थित रहेंगे तथा दोनों अतिथियों को महामहोपाध्याय (डीलिट) की मानद उपाधि प्रदान की जाएगी।

 

समारोह में सत्र 2022-23 2023-24 में उत्तीर्ण हुए स्नातकों को उपाधियां तथा वरीयता सूची अनुसार 79 स्नातकों को स्वर्ण, रजत, तथा कांस्य पदक प्रदान किए जाएंगे। समारोह में कार्य परिषद सदस्य डॉ. विश्वास व्यास, एडवोकेट गीतांजलि चौरसिया, डॉ. हरीश व्यास, सुमिना अनिल लिग्गा, गौरव धाकड़, डॉ. केशर सिंह चौहान, डॉ.अजय सिंह राठी एवं समस्त संकायाध्यक्ष तथा मार्गदर्शक कुलगुरु प्रोफेसर विजय कुमार सीजी, कुल-सचिव प्रोफेसर दिलीप सोनी, समन्वयक, डॉ. उपेंद्र भार्गव सहित अन्य गणमान्यजन मौजूद रहेंगे।

 

विश्वविद्यालय अध्यापन विभागों में संचालित पाठ्यक्रम उपर्युक्त विभागों में स्नातक स्तर पर शास्त्री (शुक्लयजुर्वेद/नव्यव्याकरण/साहित्य/ फलित ज्योतिष/ सिद्धान्त ज्योतिष/न्यायदर्शन) बीए. संस्कृत, बी.ए.ऑनर्स/ बीए बीएड एकीकृत तथा स्नातकोत्तर स्तर पर आचार्य (शुक्लयजुर्वेद/नव्यव्याकरण/ साहित्य/ फलित ज्योतिष/ सिद्धान्त ज्योतिष/न्यायदर्शन/अद्वैत वेदान्त ) एमए (योग, ज्योतिर्विज्ञान, संस्कृत, हिन्दू स्टडीज,वास्तुशास्त्र) तथा पत्रोपाधि (डिप्लोमा) पाठ्यक्रम (संस्कृत सम्भाषण/वास्तु शास्त्र/ ज्योतिष/पौरोहित्य/योग/वैदिक गणित/पर्यटक मार्गदर्शक) तथा प्रमाणपत्रीय पाठ्यक्रम की कक्षाएं संचालित हो रहीं हैं।