
नाचते-नाचते गिरे दूल्हे के मामा, हार्ट अटैक से मौत; शादी की खुशियां मातम में बदलीं
खरगोन:मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के कसरावद क्षेत्र के ओझरा गांव में एक वैवाहिक समारोह के दौरान खुशियों का माहौल पलभर में गम में बदल गया। भांजे की शादी में शामिल होने आए 42 वर्षीय मामा की नाचते-नाचते अचानक हार्ट अटैक से मौत हो गई।
मंगलवार रात ओझरा गांव में यादव परिवार में विवाह की तैयारियां चल रही थीं। जानकारी के अनुसार तलून क्षेत्र के पिपलूद (अंजड) निवासी घनश्याम यादव अपने परिवार सहित भांजे की शादी में शामिल होने आए थे। संगीत कार्यक्रम बुधवार को होना था, लेकिन शादी की खुशी में वे म्यूजिक सिस्टम पर पत्नी के साथ उत्साहपूर्वक नाच रहे थे।
इस दौरान गाना चल रहा था ‘तेरे जैसा यार मिला, मेरा क्या नसीब है, रब से क्या मांगू, जब तू मेरे करीब है…’।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुर्ता-पायजामा और चश्मा लगाए घनश्याम यादव कुछ देर तक पत्नी के साथ नाचते रहे, तभी अचानक वे गिर पड़े और बेहोश हो गए। इस दौरान ज्यादातर लोग डांस स्टेप समझे लेकिन जब वह नहीं उठे तब उन्हें मामले की गंभीरता समझ में आई।
परिजनों और ग्रामीणों ने स्थिति को समझते हुए तत्काल सीपीआर (CPR) देने का प्रयास किया और उन्हें कसरावद अस्पताल ले जाया गया।
बताया जा रहा है कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी सांसें थम चुकी थीं। निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद शादी की खुशियां मातम में बदल गईं और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
परिवार के करीबी मित्रों ने बताया कि घनश्याम यादव अपने भांजे की शादी को लेकर बेहद उत्साहित थे और विवाह के बाद आठ दिनों तक रुकने की योजना बना रहे थे। अचानक हुए हृदयघात से गांव में शोक की लहर है।
कसरावद के मंदिर पुजारी पंडित लखन बैरागी ने बताया कि घनश्याम उनके बचपन के मित्र थे। वे धार्मिक प्रवृत्ति के और सेवाभावी व्यक्ति थे। घर के पास मां दुर्गा और मां नर्मदा मंदिर निर्माण में उनका विशेष सहयोग रहा। धार्मिक व सामाजिक आयोजनों में वे हमेशा अग्रणी भूमिका निभाते थे। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। वे खेती-किसानी का कार्य संभालते थे।

पंडित बैरागी ने बताया कि मंगलवार को ओझरा जाते समय घनश्याम ने उन्हें फोन भी किया था, लेकिन मुलाकात नहीं हो पाई। असमय निधन से उन्हें गहरा आघात पहुंचा है।
निजी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. आशीष दुबे ने बताया कि घनश्याम यादव को ओझरा से कसरावद लाते समय रास्ते में ही हृदयघात के कारण उनकी मृत्यु हो चुकी थी।
बुधवार को पिपलूद गांव में उनका अंतिम संस्कार किया गया।





