
The Legacy of D Company : दहशतगर्द दाऊद इब्राहिम देश छोड़कर भाग निकला, पीछे रह गई डी कम्पनी की विरासत!
जानिए अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम रत्नागिरी से लेकर मुंबई तक क्या-क्या छोड़ गया और क्या-क्या सम्पत्ति हुई नीलाम??
रमेश सोनी की खास खबर!
Mumbai : महाराष्ट्र के मुंबई में सन 1993 के सिलसिलेवार धमाकों के बाद दाऊद इब्राहिम अपना डी कम्पनी का साम्राज्य और अरबों रुपए की भारत में छोड़कर सरहद पार भाग गया था। उसने दक्षिण भारत की आलीशान इमारतों से लेकर रत्नागिरी के पुश्तैनी घरों तक उसकी हर संपत्ति आज की तारीख में सरकारी शिकंजे में है। मार्च 2026 की निलामी में उसके रत्नागिरी स्थित आखिरी 4 पेतृक प्लाट भी बिक गए हैं। जिससे भारत में दाऊद इब्राहिम के बचे-खुचे निशान भी अब आधिकारिक तौर पर मिट रहें हैं। वर्ष 1993 का उस मनहूस शुक्रवार की दोपहर जिसने मुंबई के सीने को धमाकों की गुंज से छलनी करते हुए दहला दिया था और इधर इस जुर्म का गुनाहगार दाऊद इब्राहिम सरहद पार करते हुए सुरक्षित पनाहगाह में भूमिगत हो चुका था। भारत से भागते-भागते दाऊद इब्राहिम अपनी रुह तो साथ ले गया वहीं काले कारनामों से कमाया हुआ अकूत साम्राज्य यही छोड़ गया।
जिसे उसने दशकों तक जुल्म की दुनिया में रहकर बनाया था। आज दक्षिण मुंबई की सड़कों और गलियों की गगनचुंबी इमारतें, चमचमाती विदेशी कारें और बेनामी जायदादें जो कभी दाऊद की दहशत का प्रतीक थी आज की तारीख में सरकारी शिकंजे में सिमटकर अपनी पहचान खो चुकी हैं। यह कहानी एक दहशतगर्द के भागने की नहीं बल्कि उसके पीछे छुटे उस मलबे की हैं जिसे आज भी कानून एक-एक कर ढहां रहा हैं। आपको बता दें कि दाऊद इब्राहिम 1993 के मुंबई धमाकों से पहले ही भारत से भाग चुका था उसे इस बात की भनक लग गई थी कि अब उस पर कानून का शिकंजा कसने वाला है। 1980 के दशक के अंत में दाऊद ने मुंबई छोड़ दी थी और दुबई को अपना नया ठिकाना बनाया था और वहां बैठकर वह अपने काले कारनामों को अंजाम दे रहा था। आपको बता दें कि 12 मार्च 1993 को मुंबई में सिलसिलेवार 12 धमाके का मास्टरमाइंड दाऊद इब्राहिम ही था और इसके बाद जब तक भारतीय जांच एजेंसियां धमाकों के तार से तार जोड़ने में लगी थी इसी बीच दाऊद दुबई से निकलकर पाकिस्तान की पनाह में जा चुका था।
आज दाऊद अपने पीछे गुनाह के काले कारनामों की ऐसी कालिख छोड़ गया जिसे आज भी सरकार जब्त कर रहीं हैं। एक पुलिसवाले का बेटा दाऊद इब्राहिम देश छोड़कर तो भाग निकला लेकिन उसकी हराम की कमाई की सम्पत्ति मुंबई की जमीन पर धंसी हुई हैं। उसकी दक्षिण मुंबई के नागपाड़ा में, भिंडी बाजार और पाकमोडिया स्ट्रीट में अरबों रुपए की सम्पत्तिया थी। उसकी छोड़ी गई सम्पत्तियों में होटल रौनक अफरोज जिसे दिल्ली दरबार के नाम से जाना जाता हैं डांबरवाला बिल्डिंग जो पाकमोडिया स्ट्रीट में स्थित है यही बिल्डिंग दाऊद का मुख्य ठिकाना थी, शबनम गेस्ट हाउस मुंबई के भिंडी बाजार स्थित यह सम्पत्ति दाऊद की बहन हसीना पारकर संभालती थी। बैनामी फ्लैट्स और दुकानें माटूंगा और नागपाड़ा एरिए में दर्जनों बेनामी संपत्तियां।
सिमट कर रह गया दाऊद इब्राहिम का प्रभाव!
दाऊद के मुंबई से भागने के बाद उसकी बहन हसीना पारकर जिसे आपा के नाम से जाना पहचाना जाता था मुंबई में उसके साम्राज्य की देखभाल करती थी। भारत सरकार ने दाऊद की सम्पत्ति पर सफेमा कानून के तहत कुर्क करना शुरू किया हैं।
इसमें एक रोड़ा सामने आ रहा है कि शुरुआती दौर में दाऊद इब्राहिम के खोफ से कोई भी उसकी सम्पत्ति खरीदने को तैयार नहीं था लेकिन इसके बाद समाजसेवियों और व्यापारियों ने आगे आकर इन्हें खरीदा आज मुंबई में दाऊद की सम्पत्तियों पर या तो सरकारी बोर्ड लगे हुए हैं या वहां पर नवनिर्माण होना प्रारम्भ हो रहा हैं जो दाऊद के खत्म हो रहें दबदबे का प्रतीक है। आपको यह भी बता दें कि मुंबई में दाऊद इब्राहिम की पाकमोडिया स्ट्रीट स्थित पुश्तैनी डांबरवाला बिल्डिंग हैं जिसे सरकार द्वारा जब्त करते हुए नीलामी कर दी है।
होटल रोनक अफरोज जिसे दिल्ली दरबार के नाम से पहचाना जाता है और अन्य दुकानें भी मौजूद हैं जिनकी सफैमा के तहत नीलामी की जा चुकी हैं। शबनम गेस्ट हाउस जो हसीना पारकर के नाम से दर्ज हैं जिसे मुंबई में नीलामी प्रक्रिया के तहत बेची गई। दाऊद के पास बेशकीमती कारें हैं जिसमें हुंडई एक्सेंट और अन्य विदेशी गाडियां हैं जिन्हें सार्वजनिक नीलामी में बेची गई। रत्नागिरी में खेती की भूमि हैं जिसे हाल के वर्षों में सरकार द्वारा कुर्क करते हुए नीलामी की गई हैं!





