

रेलवे सुरक्षा बल की साहसिक सतर्कता से बची 14 वर्षीय बालिका की जान – अशोकनगर स्टेशन पर बड़ा हादसा टला!
संभागीय ब्यूरो चीफ चंद्रकांत अग्रवाल की रिपोर्ट
भोपाल/अशोकनगर: एक पल की चूक से जहां ज़िंदगी फिसल सकती थी, वहीं एक सतर्क आरक्षक की तेजी से उठाया गया कदम बना एक मासूम की ज़िंदगी का रक्षक!
भोपाल मंडल के अशोकनगर रेलवे स्टेशन एक घटना में 14 वर्षीय बालिका एक चलती ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंस गई। बालिका अपने परिजनों के साथ बीना से बरेली जा रही थी और स्टेशन पर नाश्ता लेने के लिए उतरी थी। जैसे ही ट्रेन दोबारा चलने लगी, वह ट्रेन में चढ़ने की कोशिश में असंतुलित होकर फिसल गई और प्लेटफार्म व ट्रेन के बीच खतरनाक स्थिति में फंस गई।
लेकिन मौके पर ड्यूटी कर रहे रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के आरक्षक गोविंद सिंह चौहान ने अपने अद्वितीय साहस और सतर्कता से समय रहते बालिका को खींचकर उसकी जान बचा ली। उनकी इस फुर्ती और सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया। यात्रियों और बालिका के परिजनों ने आरक्षक के इस कार्य की दिल खोलकर सराहना की।
आरक्षक गोविंद सिंह चौहान घटना के समय प्लेटफॉर्म पर तैनात थे और निरंतर यात्री गतिविधियों पर निगरानी बनाए हुए थे। उन्होंने ट्रेन की गति, बालिका की स्थिति और संभावित खतरे को मात्र सेकंडों में भांपकर तत्काल प्रतिक्रिया दी। यह दर्शाता है कि किस तरह RPF के जवान न सिर्फ फिजिकली बल्कि मेंटली भी हर समय मुस्तैद रहते हैं।
इस अद्भुत साहसिक कार्य के लिए पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश ने आरक्षक गोविंद सिंह चौहान को ₹10,000 नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि “रेलवे सुरक्षा बल का यह कार्य न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह रेलवे की प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आरक्षक गोविंद सिंह चौहान की तत्परता और साहस पूरे विभाग के लिए गर्व का विषय है।”
रेलवे प्रशासन की ओर से यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने की कोशिश न करें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!