
राज्य सरकार लेगी तीन चरणों में 52 सौ करोड़ का कर्ज, पहले से है सवा 4 लाख करोड़ का कर्ज
भोपाल: मध्यप्रदेश सरकार एक बार फिर खुले बाजार से कर्ज लेने जा रही है। यह कर्ज 52 सौ करोड़ रुपए का होगा। तीन चरणों में लिया जाने वाला यह कर्ज सात से बाईस साल के लिए लिया जाएगा। इसके लिए आज बुलाए गए प्रस्तावों को कल खोला जाएगा और उसमें राज्य सरकार को सबसे बेहतर दरों पर कर्ज देने वाली वित्तीय संस्थाओं से यह कर्ज लिया जाएगा।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के कोर बैंकिंग साल्युशन ई कुबेर सिस्टम पर तीन फरवरी को इन तीनों कर्ज के लिए देशभर की वित्तीय संस्थाओं से आनलाईन प्रस्ताव बुलाए गए थे। इन सभी प्रस्तावों को चार फरवरी को खोला जाएगा। इसमें राज्य के अनुकूल शर्तो पर सबसे कम ब्याज दर पर कर्ज देने वाली संस्थाओं से यह कर्ज लिया जाएगा।
पहला कर्ज बारह सौ करोड़ का है जिसे लेने के लिए तीन फरवरी को प्रस्ताव बुलाए गए। इन्हें चार फरवरी को खोला जाएगा। इस कर्ज की अदायगी चार फरवरी 2033 को की जाएगी। दूसरा कर्ज दो हजार करोड़ रुपए का होगा। यह कर्ज सत्रह वर्ष के लिए लिया जाएगा और इसकी अदायगी चार फरवरी 2043 को होगी। तीसरा कर्ज दो हजार करोड़ का होगा यह कर्ज 22 साल के लिए लिया जाएगा और इसकी अदायगी राज्य सरकार चार फरवरी 2048 को करेगी।
*सवा चार लाख करोड़ का कर्ज पहले से-*
मध्यप्रदेश सरकार पर पहले से ही चार लाख 21 हजार 740 करोड़ रुपए का कर्ज है। इसमें 2 लाख 67 हजार 879 करोड़ रुपए का कर्ज बाजार से लिया गया है। पावर बांड सहित अन्य बांडों के जरिए सरकार ने 5 हजार 152 करोड़ रुपए ले रखे है। वित्तीय संस्थाओं से 17 हजार 190 करोड़ का कर्ज लिया हुआ है। केन्द्र सरकार से लोन और एडवांस के रुप में 74 हजार 759 करोड़ रुपए लिए है। अन्य दायित्व 14 हजार 135 करोड़ के है और राष्ट्रीय बचत योजना में केन्द्र सरकार से मध्यप्रदेश ने 42 हजार 623 करोड़ रुपए ले रखे है।





