
भोपाल, इंदौर, जबलपुर प्राधिकरण को लेकर जारी है जद्दोजहद, इंदौर को लेकर फंसा पेंच
भोपाल: विकास प्राधिकरणों और राज्य महिला आयोग में नियुक्तियों को लेकर अब तक अंतिम फैसला नहीं हो सका है। इन प्राधिकरणों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष पदों के साथ-साथ मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग के गठन को लेकर सत्ता और संगठन के बीच लगातार विचार विमर्श चल रहा है। इसके बाद भी अब तक अंतिम राय नहीं बन सकी है। भोपाल और जबलपुर प्राधिकरणों में नाम लगभग तय है, लेकिन इंदौर के लिए जद्दोजहद अब भी जारी है।
भोपाल विकास प्राधिकरण के लिए चेतन सिंह का नाम सबसे प्रमुख दावेदार के तौर पर उभरकर सामने आया है। उनका नाम सामने आने के बाद कई और नेता भोपाल से लेकर दिल्ली तक सक्रिय हुए। इसके चलते भोपाल को लेकर अब तक अंतिम निर्णय नहीं हो सकता है। इस तरह जबलपुर विकास प्राधिकरण में महाकौशल क्षेत्र के समीकरणों को साधने की कवायद के बीच संदीप जैन का नाम अध्यक्ष पद के लिए चर्चा में बताया जा रहा है। क्षेत्रीय संतुलन और संगठन में सक्रिय भूमिका को ध्यान में रखते हुए इस नाम पर गंभीर विचार होने की बात कही जा रही है। जैन का नाम सामने आने के बाद कुछ नेता दिल्ली तक सक्रिय हुए हैं। हालांकि इन दोनों प्राधिकरणों के लिए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए संगठन की ओर से नाम तय किए गए हैं, फिर भी कुछ नेता अब भी प्रयास में लगे हुए हैं।
इंदौर विकास प्राधिकरण के लिए स्थिति सबसे ज्यादा पेचीदा बताई जा रही है। मालवा क्षेत्र के प्रभावशाली नेताओं के बीच लगातार विचार विमर्श जारी है और यहां तीन प्रमुख नामों पर मंथन चल रहा है। जिसमें पूर्व विधायक जीतू जिराती और हरीनारयाण यादव का नाम प्रमुखता के साथ लिया जा रहा है। यहां संगठन और सरकार दोनों ही स्तर पर संतुलन साधने की कोशिश की जा रही है, जिससे फैसला लगातार टल रहा है।
इधर, महिला आयोग के गठन को लेकर भी कई महिला नेताओं के नाम सामने आए हैं। सरकार इस नियुक्ति के जरिए महिला सशक्तिकरण का मजबूत संदेश देना चाहती है।





