
Then CMO Sentenced to 4 Years Imprisonment: रिश्वतखोर तत्कालीन CMO और ARI को 4-4 वर्ष का सश्रम कारावास, भेजा जेल!
Ratlam/Jaora : न्यायालय संजीव कटारे, विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम ने नगर पालिका के कार्य का भुगतान करने के लिए रिश्वत मांगने पर तत्कालीन सीएमओ श्रीमती नीता जैन तथा विजय सिंह शक्तावत को 4-4 वर्ष की सजा सुनाते हुए 2-2 हजार रुपए जुर्माना लगाया।
प्रभारी उपनिदेशक अभियोजन/सहायक निदेशक अभियोजन श्रीमती आशा शाक्यवार ने बताया कि 9 मार्च 2021 को आवेदक पवन भावसार ने उज्जैन स्थित लोकायुक्त कार्यालय में लिखित शिकायत आवेदन पत्र दिया था कि उसने उसके दोस्त सुरेश प्रजापत की लायसेंस पर जावरा नगर पालिका परिषद में वार्ड क्रमांक 24 बाड़ा खाल कब्रिस्तान का पेबर ब्लाॅक फ्लोरिंग कार्य का ठेका 3 लाख 74 हजार रूपए में वर्क आर्डर क्रमांक 4830 18 जनवरी 2017 को उसे मिला था एवं वार्ड क्रमांक 20 बडा मालीपुरा से मोहन सैनी के मकान तक आरसीसी नाली के निर्माण कार्य का ठेका 2 लाख 76 हजार रूपए में वर्क आर्डर क्रमांक 3959, 2 दिसंबर 2016 को उसे मिला था।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा वार्ड क्रमांक 18 कमानी गेट से गुलशन टॉकिज तक आरसीसी रोड के निर्माण कार्य का ठेका 13 लाख 59 हजार रूपए में वर्क आर्डर क्रमांक 417 दिनांक 24 अप्रैल 2017 का मिला था। यह सभी कार्य उसके द्वारा समय पर पूर्ण कर दिए गए थे। उसकी 1 लाख 23 हजार रूपए की एफडीआर नगर पालिका परिषद में जमा है एवं 50 हजार रूपए के बिल स्वीकृत होना शेष है। इसलिए वह अपनी एफडीआर रिलीज कराने एवं उसके फाइनल बिल को स्वीकृति कराने हेतु तत्कालीन सीएमओ नीता जैन, से मिला तो उक्त कार्य करने हेतु सम्पूर्ण राशि का 3 प्रतिशत के हिसाब से 42 हजार रूपए रिश्वत की मांग की।
इसकी शिकायत उज्जैन स्थित लोकायुक्त कार्यालय के निरीक्षक बसंत श्रीवास्तव को की, रिश्वत की मांग की जाने की पुष्टि हेतु रिश्वत संबंधी वार्तालाप को गोपनीय रूप से रिकॉर्ड करने के लिए शासकीय डिजिटल वाईस रिकॉर्डर आवेदक को दिया गया। इसके बाद नीता जैन एवं आवेदक पवन भावसार के बीच हुई रिश्वत संबंधी बातचीत की रिकॉर्डिंग आवेदक पवन भावसार से कराई गई। जिसमें आवेदक द्वारा बताया गया कि श्रीमती नीता जैन, सीएमओ मेडम से बात की तो उन्होने कहा मेरा जो बनेगा मैं शक्तावत बाबू को बता दूंगी आप जाकर शक्तावत बाबू से बात कर लेना, इसके बाद शक्तावत बाबू से मिला तो उन्होने कहा कि सीएमओ मैडम ने 2% के हिसाब से रूपए देने को कहा है और 26 हजार रूपए की रिश्वत की मांग की और आवेदक के अनुरोध पर वह 20 हजार की रिश्वत लेने को तैयार हुऐ और 15 हजार रूपए लेकर 12 मार्च 202 को बुलाया और बाकी के 5 हजार रूपए काम होने के बाद देने को कहा है। तत्पश्चात रिश्वत की मांग प्रमाणित पाए जाने पर मुख्य आरोपी नीता जैन एवं सह-आरोपी विजय सिंह शक्तावत को नगर पालिका परिषद जावरा के कार्यालय से आवेदक पवन भावसार से 18 हजार 500 रूपए रिश्वत लेते हुए ट्रेप किया गया।
आवेदक पवन भावसार ने निरीक्षक बंसत श्रीवास्तव को बताया कि पहले सह-आरोपी विजय सिंह शक्तावत ने सीएमओ नीता जैन के कक्ष में गया वहां से वापस आकर कहा कि सीएमओ मेडम पूरे 20 हजार रूपए मांग रही हैं। इस पर आवेदक द्वारा अपने पास से 3 हजार 500 रूपए कुल 18 हजार 500 रूपए सह-आरोपी विजय सिंह शक्तावत को दिए जिसे सह-आरोपी ने अपनी पेंट की पीछे बांई जेब में रख लिए। लोकायुक्त के ट्रेप दल द्वारा ट्रेप किए जाने पर विजय सिंह शक्तावत के हाथ सोडियम कार्बोनेट के घोल से धुलवाए जाने पर घोल का रंग गुलाबी हो गया। मामले में 21-जून-2023 को अभियोग पत्र विशेष न्यायालय में पेश किया गया। विशेष न्यायालय द्वारा नीता जैन एवं विजय सिंह शक्तावत को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। प्रकरण की पैरवी कृष्णकांत चौहान विशेष लोक अभियोजक भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम द्वारा की गई!





