डबरा में आनंद बरस रहा है… नवग्रह शिव कथा सुन चुके हैं, रामकथा सुन रहे हैं और हनुमान कथा सुनेंगे…

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डबरा में आनंद बरस रहा है… नवग्रह शिव कथा सुन चुके हैं, रामकथा सुन रहे हैं और हनुमान कथा सुनेंगे…

कौशल किशोर चतुर्वेदी
सूर्य आत्मविश्वास, ऊर्जा, सफलता, यश कीर्ति प्रदान करते हैं। चंद्रमा मन, भावना, मानसिक शांति और कल्पनाशीलता के कारक हैं। मंगल साहस, शक्ति के दाता हैं। बुध का सीधा संबंध बुद्धि से है। गुरु ज्ञान के स्वामी हैं।शुक्र की कृपा से जीवन में प्रेम बरसता है। शनि कर्म, अनुशासन, संघर्ष और धैर्य और न्याय के पर्याय हैं। राहु मानसिक भ्रम, चुनौतियां और अचानक परिवर्तन की स्थितियां उत्पन्न करते हैं। और केतु आध्यात्मिकता, मोक्ष और वैराग्य का मानस बना देते हैं। और यदि इन नवग्रह को प्रसन्न करना है और इनकी कृपा पानी है या इनसे संबंधित परेशानी का समाधान चाहिए है तो कहीं भी हो ग्वालियर का टिकट लो और डबरा पहुंचकर नवग्रह मंदिर में संबंधित ग्रह के सामने बैठकर उन्हें प्रसन्न कर लो।
डबरा नवग्रह मंदिर में तीन दिवसीय रामकथा की शुरुआत करते हुए जब कथावाचक कुमार विश्वास ने यह भरोसा दिलाया तब हजारों की संख्या में उपस्थित श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका समर्थन किया। कथा के यजमान मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और उनका परिवार हैं। और उनके द्वारा स्थापित डबरा की नवग्रह पीठ, दुनिया की इकलौती अद्भुत पीठ है जहां पर सभी नवग्रह अपने परिवारों के साथ विराजमान हुए हैं। मंदिर भव्य है तो अलौकिकता देखते ही बनती है। यहाँ पर पहुँचकर इसका अनुभव किया जा सकता है। लेकिन फिलहाल नवग्रह पीठ स्थापना का 10 दिवसीय आयोजन डबरा में भक्ति रस की बरसात कर रहा है। तीन-तीन दिन की तीन कथाएं मानो भूतो न भविष्यति की तर्ज पर विशिष्टता लिए हुए हैं। 10 फरवरी 2026 को कलश यात्रा के बाद 3 दिन तक पंडित प्रदीप मिश्रा के मुखारबिन्द से शिव कथा का आनंद बरसा। और 14 फरवरी 2026 से रामकथा मर्मज्ञ कुमार विश्वास की राम कथा के प्रसंग श्रोताओं के मन में श्रद्धा, आस्था, विश्वास भक्ति और उमंग की बरसात कर रहे हैं। और 17 फरवरी 2026 से तीन दिन तक देश दुनिया में सनातनी भाव का प्रवाह कर चुके बाबा बागेश्वर की हनुमान कथा श्रोताओं को भक्ति, सेवा के पर्याय और रोम-रोम में राम के नाम को समाहित करने वाले पवन पुत्र के भक्ति भावों की वर्षा में सराबोर करने वाली है। मलूकपीठाधीश्वर राजेंद्र दास जी महाराज के मुखारबिन्द से ज्ञान की गंगा में डुबकी लगाकर श्रद्धा, आस्था और भक्ति का आनंद श्रोताओं ने उठाया। तो 15 फरवरी 2026 को कुमार विश्वास की राम कथा में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, खजुराहो, सांसद और पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा शामिल हुए। देश के महान संत, कथावाचक, भजन गायक इन दिनों मध्य प्रदेश के डबरा में नौग्रहों के बुलावे पर यहाँ अपनी हाज़िरी भी लगा रहे हैं और श्रोताओं को भक्ति और ज्ञान गंगा से सराबोर कर रहे हैं। भक्तिमय वातावरण ऐसा है कि शिव कथा, रामकथा सुनने के लिए निश्चित तौर से नौग्रहों के साथ-साथ देवगण भी डबरा की इस पावन भूमि पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे होंगे।
दरअसल यह डॉ. नरोत्तम मिश्रा की राजनीतिक पारी की गूँज अभी तक मध्य प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में धमाकेदार रही है, लेकिन नवग्रह मंदिर की स्थापना डॉ. नरोत्तम मिश्रा की सनातन धर्मावलंबियों को उस स्थायी भेंट के रूप में देखा जा सकता है जो अद्भुत है, अतुलनीय है और वैश्विक धरोहर के रूप में हमेशा-हमेशा के लिए डॉ. नरोत्तम मिश्रा को जिंदा रखेगी। नवग्रह मंदिर ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा को यजमान बनाकर वह मान दिया है जिसके सामने हर राजनैतिक पारी को गौण माना जा सकता है। इसे किसी पूर्व जन्म का प्रारब्ध ही माना जा सकता है जिसने उनके वर्तमान जन्म को भी सार्थकता से भर दिया है। धर्म और पर्यटन की दृष्टि से मध्य प्रदेश पहले से ही समृद्ध है और डबरा का नवग्रह मंदिर इस विरासत को और ज्यादा समृद्ध कर डॉ. नरोत्तम मिश्रा को भी यश और कीर्ति का भागीदार बनाएगा। बात फिर वही कि डबरा में इन दिनों आनंद बरस रहा है और नवग्रह इसके साक्षी बन रहे हैं। लाखों श्रोता शिव, राम, हनुमान की कथा का रसपान कर रहे हैं और इनके अलावा भी श्रेष्ठ सनातनी संतों के मुखारविंद से हो रही कथाओं की गंगा में डुबकी लगा रहे हैं। महाशिवरात्रि के दिन राम कथा को सुनने महाकाल की नगरी से मोहन ने भी डबरा नवग्रह मंदिर पहुंचकर आनंद और भक्ति रस का लाभ लिया। तो राम का विश्वामित्र के साथ वन जाना और वहाँ से मिथिला पहुँचकर शिव का धनुष तोड़ने से संबंधित मोहन की जिज्ञासा का समाधान भी कुमार विश्वास ने किया। राष्ट्रनीति, राजनीति, लोकतंत्र और राजतंत्र के सही मायने भी डबरा में बरस रहे आनंद के जरिए जाने जा सकते हैं तो अहंकार और जीवन के खोखलेपन से भी उबरने की राह यहां पर मिल सकती है। फिलहाल प्रत्यक्ष रूप से यहां पहुंचकर आनंद की बरसात में सराबोर हुआ जा सकता है। और 20 फरवरी 2026 के बाद नवग्रह मंदिर में मत्था टेककर अपने ग्रहों की दशाओं को सुधारने के जतन भी किए जा सकते हैं। हो सके तो फिलहाल प्रत्यक्ष या परोक्ष तौर से इस आनंद रस का पान अवश्य ही करना चाहिए… क्योंकि डबरा में आनंद बरस रहा है… नवग्रह शिव कथा सुन चुके हैं, रामकथा सुन रहे हैं और 17 फरवरी से हनुमान कथा सुनेंगे… और कथाकार भी ऐसे कि श्रोता कथा में डूबते हैं तो फिर डूबे ही रहना चाहते हैं।
लेखक के बारे में –
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।
वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।